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10 हजार मजदूरों के पंजीयन कराने के आदेश, वर्कर 8 हजार

भास्कर संवाददाता | सोहागपुर परियोजना अधिकारी ने नगर परिषद को 10 हजार असंगठित मजदूरों के पंजीयन कराने का फरमान...

Danik Bhaskar | Apr 16, 2018, 03:15 AM IST
भास्कर संवाददाता | सोहागपुर

परियोजना अधिकारी ने नगर परिषद को 10 हजार असंगठित मजदूरों के पंजीयन कराने का फरमान जारी किया है। आदेश के परिपालन में नगर परिषद ने 5000 फार्म वितरित किए। इनमें से करीब 4656 फार्म जमा हुए हैं। इनकी भी जांच की जाएगी। क्योंकि कुछ कर्मकारों ने असंगठित मजदूर का पंजीयन कराने फार्म जमा किया।

अब सवाल यह कि 25040 की कुल आबादी वाले नगर में 10 हजार असंगठित मजदूर कैसे हो सकते हैं। आबादी में बच्चे युवा शामिल हैं। 2011 के अनुसार कुल वर्करों की संख्या 7999 है। मजदूर किसान नौकरीपेशा व्यवसायी आदि सभी शामिल हैं। आबादी में से 17041 लोग किसी तरह का कार्य नहीं करते हैं। इनमें 0.6 साल तक के 3084 बच्चे हैं। जारी आदेश में जिले की सभी तहसीलों से यही अपेक्षा की गई। जिसमें कुछ साल पहले बनी नगर पंचायत बनखेड़ी भी शामिल है। यानि जारी आदेश में आबादी के लिहाज से कोई टारगेट न देकर सिर्फ एक संख्या तय कर दी गई। वर्ष 2011 की जनगणना से अब तक 7 साल बीत गए हैं। आबादी बढ़ी होगी। लेकिन इतनी तो नहीं कि असंगठित मजदूरों की संख्या 10 हजार तक पहुंच जाए। इधर सीएमओ जीएस राजपूत का कहना है कि दस हजार असंगठित मजदूर नगर में नहीं है। हमने डोर-टू-डोर सर्वे कराया है। इसमें 4656 मजदूर हैं। इनमें से कुछ के रिपीट होने की संभावना है। क्योंकि ऑनलाइन फीडिंग होगी तो रिपीटेशन या किसान सहित आयकर देयक पकड़ में आएंगे।

आबादी का ध्यान नहीं रखा

आदेश जारी करते समय नगर की आबादी का ध्यान नहीं रखा गया। बाबई की आबादी करीब 17 हजार है। यहां भी दस हजार संगठित मजदूर का पंजीयन कराने का आदेश दिया है। यही हाल बनखेड़ी का है जहां आबादी करीब 19 हजार है। पिपरिया की आबादी 55 हजार है यहां भी दस हजार का टारगेट है।