• Hindi News
  • Madhya Pradesh
  • Badnagar
  • पीठ में लोहे का हुक फंसाने की प्रथा बंद अब कमर में कपड़ा बांधकर घुमाते हैं गल
--Advertisement--

पीठ में लोहे का हुक फंसाने की प्रथा बंद अब कमर में कपड़ा बांधकर घुमाते हैं गल

Badnagar News - बड़नगर | रंगों का पर्व नगर व अंचल में धूमधाम से मनाया गया शुक्रवार अलसुबह होलिका दहन किया गया। तहसील में इंगोरिया...

Dainik Bhaskar

Mar 04, 2018, 07:10 AM IST
पीठ में लोहे का हुक फंसाने की प्रथा बंद अब कमर में कपड़ा बांधकर घुमाते हैं गल
बड़नगर | रंगों का पर्व नगर व अंचल में धूमधाम से मनाया गया शुक्रवार अलसुबह होलिका दहन किया गया। तहसील में इंगोरिया थाने के ग्राम जहांगीरपुर, खरसौदखुर्द, इंगोरिया, बलेडी, चिकली, पलदुना, सिजावता व भाटपचलाना थाने के बालोदा कोरन, रूनीजा, खरसौद कलां, माधोपुरा, भाटपचलाना व बड़नगर थाने के ग्राम बंगरेड़ में शुक्रवार दोपहर गल घूमने व चूल पर चलने का आयोजन हुआ। बंगरेड़ में प्राचीनकाल में भैरव महाराज के मंदिर पर मन्नतधारियों द्वारा गल घूमने के समय रीढ़ की हड्डी में छेद कर लोहे का हुक फंसाकर रस्सी से लटकाकर घुमाया जाता था। यह प्रथा अनादिकाल से चली आ रही थी। जिसे बंद कर ग्रामवासियों व प्रशासन द्वारा मन्नतधारी के कमर में कपड़ा बांधकर उसे लटकाकर शिव खंभ पर घुमाया जाता है। मन्नतधारी की मन्नत के हिसाब से गल पर चक्कर लगाते हैं। वहीं मन्नतधारी उक्त मेले में मन्नत पूरी होने पर चूल पर नंगे पांच चलते हैं। देवेंद्र यादव ने बताया यह परम्परा सदियों पुरानी है। ग्राम पंचायत द्वारा प्रतिवर्ष गल गल महादेव का चार दिनी मेला लगता है।

बड़नगर के शासकीय अस्पताल के मेडिकल ऑफिसर डॉ. विनोद चौधरी बताते हैं चूल पर चलते समय पांव की तलवे की चमड़ी का संपर्क अंगारों से कम समय के लिए होता है। इस कारण जलन की संवेदना दिमाग तक नहीं पहुंच पाती है अपेक्षाकृत तलवे की चमड़ी शरीर के अन्य भागों की चमड़ी से मोटी व सख्त होती है।

ग्राम बंगरेड़ में कपड़ा बांधकर गल पर घूमता मन्नतधारी युवक।

X
पीठ में लोहे का हुक फंसाने की प्रथा बंद अब कमर में कपड़ा बांधकर घुमाते हैं गल
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..