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पूजा उसी की होती है जो समर्पण से कार्य करता है

पूजा उसी व्यक्ति की होती है जो सेवा समर्पण के साथ कार्य करता है। चाहे बात परिवार की हो या शासकीय सेवा की। आज...

Danik Bhaskar | Mar 02, 2018, 02:00 AM IST
पूजा उसी व्यक्ति की होती है जो सेवा समर्पण के साथ कार्य करता है। चाहे बात परिवार की हो या शासकीय सेवा की। आज मान-सम्मान मंडी सचिव के पद से सेवा ले रहे हाजी अब्दुल रशीद खान को मिला है। इसके पीछे उनकी मेहनत का परिणाम है।

यह बात बुधवार को राजगढ़ मंडी सचिव हाजी अब्दुल रशीद खान के सेवानिवृत होने पर दलहन, तिलहन व अनाज व्यापारी संघ द्वारा मोहनखेड़ा में आयोजित सम्मान एवं विदाई समारोह में पूर्व मंडी अध्यक्ष हर्षवर्धनसिंह दत्तीगांव ने कही। उन्होंने कहा खान ने अपने कार्य में कभी धर्म को आड़े नहीं आने दिया। मंडी परिसर मे शंकर मंदिर के निर्माण को पूरा करने के लिए कई बातें उन्होंने उस समय मुझे बताई जिसकी जानकारी मुझे भी नहीं थी। हाजी शासकीय सेवा से भले ही निवृत हो चुके हों लेकिन हम उनकी सेवा का पूरा उपयोग लेंगे क्योंकि वे हमारे लिए सेवानिवृत नहीं हुए हैं। मुख्य अतिथि मंडी बोर्ड के डीए प्रवीण अग्रवाल थे।

विशेष अतिथि दलहन, तिलहन संघ के अध्यक्ष सुजानमल जैन, पूर्व मंडी सचिव बीएस चौहान, हरीशंकर अग्रवाल, इंदौर मंडी सचिव सतीश पटेल, सेवानिवृत डीएसपी राठौर थे। अतिथियों ने दादा गुरुदेव मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित किया। स्वागत जैन, रमेशचंद्र कोठारी, हरिशंकर जैन, विजय गांधी, सुरेश नाहर, संदीप बाफना, प्रकाश राठौड़, प्रकाश कोठारी एवं तहसील के व्यापारियों ने किया। जैन ने कहा खान ने मंडी में कर्मचारी के तौर पर नौकरी आरंभ की थी। यहीं पर मंडी सचिव बने और यही से सेवानिवृत हो रहे हैं जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धी है। खान ने कहा मुझे जो प्यार और सहयोग मिला है उसका आभारी रहूंगा। खान ने मंडी में हनुमान मंदिर निर्माण के लिए अपनी ओर से 21121 रु की सहयोग राशि देने की घोषणा की। अनाज तिलहन व्यापारी संघ के द्वारा प्रशस्ति पत्र भेंटकर उनका सम्मान किया गया। वहीं बदनावर व्यापारी संघ, राजगढ़ मंडी कर्मचारियों सहित व्यापारियों ने भी खान का सम्मान किया।

राजगढ़ मंडी में हुआ आयोजन, सेवानिवृत्ति पर मंडी सचिव को विदाई दी, कार्यक्रम में पूर्व मंडी अध्यक्ष ने कहा

राजगढ़. मोहनखेड़ा में आयोजित कार्यक्रम में सम्मान करते अतिथि।