• Hindi News
  • Madhya Pradesh
  • Badwah
  • विधायक ने किसानों के साथ की 1 घंटे की बैठक, बंद कमरे में अफसरों से की चर्चा
--Advertisement--

विधायक ने किसानों के साथ की 1 घंटे की बैठक, बंद कमरे में अफसरों से की चर्चा

Badwah News - बेड़िया में एनटीपीसी के रेलवे ट्रैक निर्माण के दौरान बुधवार को किसानों व कंपनी के बीच विवाद हुआ था। किसानों ने...

Dainik Bhaskar

Feb 02, 2018, 02:00 AM IST
विधायक ने किसानों के साथ की 1 घंटे की बैठक, बंद कमरे में अफसरों से की चर्चा
बेड़िया में एनटीपीसी के रेलवे ट्रैक निर्माण के दौरान बुधवार को किसानों व कंपनी के बीच विवाद हुआ था। किसानों ने अारोप लगाते हुए कहा निर्माण के लिए प्रशासनिक अमला ने दबाव बनाकर खेत में लगी फसलों को बर्बाद कर दिया। इस पर सुलह कराने के लिए गुरुवार को विधायक हितेंद्रसिंह सोलंकी ने किसानों से चर्चा करने के लिए बैठक ली। इसमें भी कोई निराकरण नहीं निकला।

गुरुवार शाम करीब 5.30 बजे बेड़िया के किसान खरगोन रोड स्थित रेस्ट हाउस की बैठक में शामिल हुए। यहां पर विधायक ने किसानों की समस्या सुनी लेकिन किसानों ने एनटीपीसी पर मनमानी कर निर्माण का आरोप लगाया है। करीब एक घंटे तक चली बैठक के बाद भी कोई निराकरण नहीं निकला। किसानों की समस्या सुनने के बाद रेस्ट हाउस में ही विधायक ने एनटीपीसी के अफसर पीआर वर्मा, एसडीएम मधुवंतराव धुर्वे, एसडीओपी मानसिंह ठाकुर, बेड़िया टीआई राजेश यादव सहित अन्य अफसरों की बंद कमरे में बैठक की। जो करीब एक घंटे तक चली। इस दौरान किसानों में शैलेंद्र मंगतुजी धोगड़िया, रवींद्र मंगतुजी धोगड़िया, मिश्री बलीराम, जितेंद्र कमलसिंह राजपूत, कमलसिंह भगवान सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

किसानों से चर्चा करते विधायक हितेंद्रसिंह सोलंकी।

अफसरों पर कार्रवाई के लिए दिया थाने में आवेदन

बेड़िया के किसानों ने बुधवार को हुए विवाद के बाद थाने पर अफसरों के खिलाफ कार्रवाई करने का आवेदन दिया है। इसमें किसानों ने एसडीएम मधवंतराव धुर्वे, तहसीलदार आशीष खरे, एनटीपीसी के रेलवे इंचार्ज पीआर वर्मा पर निर्माण के लिए फसल का नुकसान करने का आरोप लगाकर कार्रवाई करने की मांग की है। टीआई राजेश यादव ने बताया आवेदन ले लिया है। इसकी जांच की जा रही है।


आपत्ति पर तत्काल सुनवाई का आवेदन दिया

इंदौर हाईकोर्ट वकील विनोद कटारिया ने बताया एडीजे कोर्ट बड़वाह में केस चल रहा है। जहां पर आपत्ति पर तत्काल सुनवाई का आवेदन गुरुवार को दिया था। जिस पर बहस हुई लेकिन एनटीपीसी का वकील नहीं होने से कोई निराकरण नहीं हो पाया। इस पर कोर्ट ने आगामी सुनवाई की तारीख 3 फरवरी दी है। उन्होंने बताया राज्य सरकार व एनटीपीसी की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं होने से केस लंबित होता जा रहा है।

आवासीय जमीन के बदले दे रहे कृषि भूमि के अनुसार मुआवजा

शैलेंद्र मंगतु धोगड़िया ने बताया एनटीपीसी बेड़िया गांव से रेलवे लाइन निकाल रही है। इसमें कई किसानों की कृषि व आवासीय भूमि आ रही है। सरकारी गाइड लाइन के अनुसार कृषि भूमि में 68 लाख रुपए हैक्टेयर व उसके बराबर शोषण राशि दी जा रही है। जबकि बेड़िया विशिष्ट गांव होने से 0.50 हैक्टेयर की स्लेप लगती है। उसकी राशि नहीं दी जा रही है। वहीं 6 लोगों में से 2 की आवासीय भूमि है। शेष 4 लोगों की कृषि भूमि है। इसमें शैलेंद्र मगतू जी धोगड़िया व चंदा पति शैलेंद्र धोगड़िया की आवासीय भूमि है। डायर्वशन के अनुसार 22 हजार रुपए वर्ग मीटर आवासीय व 44 हजार रुपए कमर्शियल के मिलना चाहिए। लेकिन वह सभी लोगों को कृषि भूमि की राशि दे रहे हैं। जो कम हो। इसके लिए किसान विरोध कर रहे हैं। साथ ही जो निर्माण किया जा रहा है। उसके लिए किसानों को बिना सूचना दिए ही काम शुरू कर दिया गया है।

X
विधायक ने किसानों के साथ की 1 घंटे की बैठक, बंद कमरे में अफसरों से की चर्चा
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..