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तिलक लगाकर आज करेंगे विद्यार्थियों का स्वागत, लोकगीत व नाटक की देंगे प्रस्तुति

नया शिक्षा सत्र इस बार दो अप्रैल से शुरू हो रहा है लेकिन स्कूलों में अव्यवस्थाओं का कभी तक कोई निराकरण नहीं हुआ है।...

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 02:10 AM IST
नया शिक्षा सत्र इस बार दो अप्रैल से शुरू हो रहा है लेकिन स्कूलों में अव्यवस्थाओं का कभी तक कोई निराकरण नहीं हुआ है। इन स्कूलों में किताब, साइकिल, यूनिफार्म और नियमित मध्याह्न भोजन जैसी सुविधा तो सरकार की तरफ से मुफ्त मिल रही है लेकिन लाइट की व्यवस्था नहीं है। आरटीई के तहत बच्चों को स्कूल में बुनियादी सुविधाएं अनिवार्य की गई है। कई प्रायमरी और मिडिल स्कूल में बिजली की व्यवस्था नहीं है। नया सत्र शुरू होने पर 35 से 40 डिग्री तापमान के बीच बच्चे बिना पंखे के सरकारी स्कूल में पढेंगे।

बिजली के अभाव में पसीने से तरबतर होने से उनका बैठना तक मुश्किल हो जाएगा। भीषण गर्मी में ब्लाॅक के बाबू लोग कूलर और पंखों में बैठकर सरकारी कार्य करते हैं। देश का भविष्य कहे जाने वाले हमारे नौनिहालों का वर्तमान ही अंधेरे में हैं। ब्लाॅक की 397 प्राथमिक विद्यालय में से मात्र 9 प्रावि में ही बिजली कनेक्शन है। शेष 388 प्राथमिक विद्यालय में बिजली की कोई व्यवस्था नहीं है। 143 माध्यमिक विद्यालय में से मात्र 17 मावि में बिजली की व्यवस्था है। शेष 126 माध्यमिक विद्यालय में अब तक बिजली कनेक्शन ही नहीं है। इन स्कूलों में छात्र-छात्राओं को क्लास रूम में अंधेरे, गर्मी और घुटन भरे माहौल में पढ़ाई करना पड़ेगी। इसके अलावा 21 प्राथमिक व 13 माध्यमिक विद्यालय में भी पानी की व्यवस्था नहीं है।

डेढ़ वर्ष पहले भेजी थी सर्वे रिपोर्ट

प्रायमरी व मिडिल स्कूलों में बिजली नहीं होने से विद्यार्थियों के साथ शिक्षकों को भी परेशानी उठानी पड़ेगी। गर्मी के मौसम में समस्या और बढ़ जाएगी। शासन ने डेढ़ वर्ष पहले सभी स्कूलों की जानकारी मांगी थी। इसके बाद सर्वे कर रिपोर्ट भेज दी गई है लेकिन स्कूलों में बिजली नहीं मिली।

बच्चों की संख्या में होगा इजाफा

विभिन्न प्रकार की जानकारी भेजने के लिए शिक्षकों को संकुल केंद्रों पर जाकर फीडिंग करना पड़ रही है। स्कूलों में बिजली कनेक्शन होने से इंटरनेट के माध्यम से शिक्षक आसानी से जानकारी भेज सकेंगे। गर्मी से निजाद मिलने से स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति में भी इजाफा होगा। आमतौर पर गर्मी के मौसम में विद्यार्थियों की संख्या कम रहती है। बिजली न होने से शिक्षकों को भी भीषण गर्मी में बच्चों को पढ़ाने में परेशानी होती है। ऐसे में बिजली कनेक्शन होने से इस समस्या का निराकरण होगा।

इस स्कूल में नहीं बिजली कनेक्शन।

एक नजर स्कूल की स्थिति पर

कुल स्कूल -प्रावि
397 व मावि 143

बिजली व्यवस्था नहीं - 388 प्रावि व 126 मावि

पानी की व्यवस्था नहीं - 21 प्रावि व 13 मावि

भवन विहीन शाला - तीन प्रावि व 13 मावि

शिक्षक विहीन शाला - 4 प्रावि व 12 मावि

एक-एक शिक्षक - 72 विद्यालय

विद्यार्थियों की संख्या - 2016-17 में 28300 व 2017-18 में 26765

16 विद्यालय है शिक्षक विहीन

शासन ने अटेचमेंट समाप्त कर दिया है। ब्लाॅक में 12 मावि व 4 प्रावि विद्यालय शिक्षक विहीन होने के कारण अन्य स्कूल में पदस्थ शिक्षक ब्लाॅक की शिक्षक विहीन शालाओं में अपनी सेवा दे रहे हैं। ब्लाॅक में करीब 72 स्कूलों में मात्र एक शिक्षक ही है। वहां अतिथियों के भरोसे ही स्कूल का संचालन हो रहा है। इसके साथ ही ब्लाॅक में अधिकतर ऐसे स्कूल भी है। जिन स्कूलों में विद्यार्थी को संख्या तो कम है लेकिन शिक्षक अधिक है। विभाग द्वारा इन स्कूलों से शिक्षकों का स्थानांतरण करना चाहिए। प्रवेश उत्सव के एक दिन पूर्व कई स्कूलों में साफ-सफाई व रंगाई पुताई नहीं हुई है। शिक्षा विभाग ने इन स्कूलों में संकुल प्राचार्यों द्वारा शिक्षकों को अटैच कर दिया है। इसके बाद भी ब्लाॅक की तीन प्राथमिक व 13 माध्यमिक विद्यालय भवन विहीन है।