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64 उपार्जन केंद्रोंं पर 15 हजार किसानों ने कराया पंजीयन, 20 मई तक होगी खरीदी

रबी विपणन वर्ष 2018-19 के लिए समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन की तैयारियां जोरशोर से जारी हैं। अनुविभाग में तहसील बरेली,...

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 02:10 AM IST
रबी विपणन वर्ष 2018-19 के लिए समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन की तैयारियां जोरशोर से जारी हैं। अनुविभाग में तहसील बरेली, बाड़ी एवं उदयपुरा में कुल 64 केंद्र हैं जहां खरीदी की जाएगी। इन केंद्रो पर लगभग 15 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है। हालांकि शासन द्वारा उर्जा अवधि 20 मार्च से 20 मई तक तय की गई है। लेकिन अनुविभागीय क्षेत्र में गेहूं की फसल की कटाई देर से शुरू होने के कारण यह कार्य कुछ समय बाद ही प्रारंभ हो पाएगा।

जानकारी के अनुसार क्षेत्र में गेहूं की फसल पूरी तरह तैयार हो चुकी है और इसकी कटाई लगभग एक सप्ताह में होने की संभावना है। इसके साथ ही उपार्जन की प्रक्रिया प्रारंभ हो जाएगी। विगत वर्ष की अपेक्षा इस बार गेहूं का रकबा कम बताया जा रहा है। इसका मुख्य कारण बारिश कम होना और सिंचाई के साधन न होना बताया जा रहा है। अधिकारियों की मानें तो इस मौसमी बदलाव के कारण ऐसी स्थिति निर्मित हुई है। मानसून औसत से कम रहने के कारण पानी की उपलब्धता कम रही। यही कारण है कि गेहूं के बोए गए रकबे में कमी आई। वहीं कम पानी वाली फसल जैसे चना और मसूर की बोवनी अधिक हुई। सहायक आपूर्ति अधिकारी ने बताया कि इसके तहत जिला कलेक्टर भावना वालिंबे के निर्देशानुसार सभी उपार्जन केंद्रों पर गेहूं की खरीदी के व्यवस्थाएं लगभग पूरी की जा चुकी हैं। खरीदी केंद्रों पर बिजली, पानी, बैठने का छायादार स्थान, वाहनों के आवागमन के लिए मार्ग सहित सभी इंतजाम किए जा रहे हैं।

मंगलवार को होगी बैठक, तैयारियां की समीक्षा करेंगे अधिकारी : सहायक आपूर्ति अधिकारी सतीष राय ने बताया कि 3 अप्रेल मंगलवार को सुबह 11 बजे तहसील परिसर में स्थित किसान भवन में उपार्जन संबंधी समीक्षा बैठक अनुविभागीय अधिकारी बरेली द्वारा आयोजित की गई है। जिसमें खाद्य विभाग, कृषि विभाग, राजस्व विभाग, एमपी वेयर हाउसिंग एंड लॉजिस्टिक कॉर्पोरेशन, एमपी स्टेट सिविल सप्लाइज कॉर्पोरेशन के अधिकारी एवं समस्त उपार्जन प्रबंधक एवं कम्प्यूटर ऑपरेटर उपस्थित रहेंगे।

बाड़ी के 33 उपार्जन केंद्र, पंजीकृत किसान 5435 : बाड़ी, अमरावद कलां, बाबई, भैंसाया, दिगबाड़, सगोनिया, किवलाझिर, कुटनासिर, खाण्डाबर, मांगरोल, सेमरी खोजरा, जमुनिया, शिवलता, सिलगेना, चंदबार, गूगलबाड़ा, समनापुर काछी, कन्वार, हरसिली, सलैया, भारकच्छ कलां, खपरिया कलां, डूमर नागपुर, देहरी कलां, पलकाश्री, मनकापुर, पारतलाई, नानपौन, चौपन मढैया, गोरा मछवाई, सुल्तानपुर-पचलावरा, घुरेला एवं गड़रवास में केंद्र खोले गए हैं।

विपणन वर्ष 2018-19 के लिए समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन की तैयारियां जोरशोर से चल रही हैं

चने का रकबा बढ़ा, समर्थन मूल्य पर होगी खरीदी

जानकारी के अनुसार कम बारिश होने के कारण किसानों ने इस बार गेहूं की फसल की बोवनी कम की है। जिससे चने की फसल का रकबा बढ़ा है। पहले चना, मसूर और सरसों की फसल को शासन द्वारा भावांतर योजना के अंतर्गत शामिल किया गया था। लेकिन पुर्नविचार के बाद चना, मसूर और सरसों की खरीदी समर्थन मूल्य पर करने का निर्णय लिया गया है। भावांतर योजना में चना, मसूर और सरसों के लिए किसानों द्वारा कराए गए पंजीयन समर्थन मूल्य पर फसल उपार्जन के लिए वैद्य माने जाएंगे। जानकारी के अनुसार इनकी खरीदी के लिए फिलहाल शासन द्वारा कृषि उपज मंडियों को ही खरीदी केंद्र घोषित किया गया है। लेकिन चना, मसूर का रकबा अत्यधिक होने के कारण कृषि उपज मंडियों में खरीदी हो पाना संभव नहीं दिखाई दे रहा है। इसलिए जानकारों का कहना है कि चना और मसूर की खरीदी के लिए विकेंद्रीकरण कर नए केंद्र खोलना जरूरी है। यह जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों तक भी पहुंचाई जा चुकी है।

यहां बनाए गए खरीदी केंद्र

तहसील बरेली के 25 उपार्जन केंद्र, पंजीकृत किसान 7482 बरेली मंडी क्रमांक 01, बरेली मंडी क्रमांक 2, नयागांव कलां, कामतोन, बागपिपरिया, समनापुर जागीर, धौखेड़ा, अलीगंज, उूंटिया कलां, चैनपुर, भोंड़िया, गुरारिया, खरगौन, उदयगिरी, छुछार, किनगी, जामगढ़, खण्डराज, मगरधा, गगनबाड़ा, महेश्वर, गोल, छबारा, डूमर एवं बरहाकलां में उपार्जन केंद्र स्थापित किए गए हैं।

मंगलवार को होगी बैठक