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100 फीट से भी नीचे जल स्तर पहुंचने से बोर सूखे, अब टैंकरों से हो रही सप्लाई

मई का महीना शुरू हो चुका है और जून का पूरा महीना शेष है, जिनमें भीषण गर्मी पड़ने का अनुमान है। ऐसे में नगर में इस वर्ष...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 03, 2018, 02:05 AM IST

100 फीट से भी नीचे जल स्तर पहुंचने से बोर सूखे, अब टैंकरों से हो रही सप्लाई
मई का महीना शुरू हो चुका है और जून का पूरा महीना शेष है, जिनमें भीषण गर्मी पड़ने का अनुमान है। ऐसे में नगर में इस वर्ष जलसंकट के आसार दिखाई दे रहे हैं। नगर के जिन क्षेत्रों में नगर पंचायत की वाटर सप्लाई नहीं है। लोगों ने स्वतंत्र रूप से अपने घरों में बोरिंग करा रखे हैं। इन बोरिंगों ने दम तोड़ना शुरू कर दिया है। नगर की पाश कालोनी नाहर कॉलोनी, नाहर नगर, किनगी रोड, वार्ड 1 और 2 दालमिल मोहल्ला आदि क्षेत्रों में पानी का संकट सुनाई देने लगा है। आने वाले कुछ दिनों में इन मोहल्लों में पानी की त्राहि-त्राहि मच सकती है। लोगों के बोर की गहराई 80-100 फीट तक है। ऐसे बोरों में जल संकट उत्पन्न हो गया है। अब जल संकट से निपटने लोग अपने घरों में या घर के बाहर सार्वजनिक सड़क पर जो नए बोर करवा रहे हैं वह 120 से 150 फीट तक गहरे हो रहे हैं। देखने वाली बात यह है कि नगर के एक मात्र वीर सावरकर बस स्टैंड पर इन दिनों पानी का संकट गहरा गया है। कहने को तो नगर पंचायत के दो हैंडपंप लगे हुए हैं, लेकिन हैंडपंप भी दम तोड़ने लगे हैं। हैंडपंपों से पानी निकाल-निकाल कर बस मालिक अपनी बसों की धुलाई कर लेते हैं, जिससे कई बार हैंडपंप दम तोड़ चुके हैं।

नलों में नहीं हैं टोंटियां : नगर की पुरानी बस्ती जैन मोहल्ला, बड़ा बाजार, छोटा बाजार, कसाई मोहल्ला, चौधरी चौक, टॉकीज चौराह आदि क्षेत्रों में नगर पंचायत द्वारा जो वाटर सप्लाई की जा रही है, उसमें खामी यह है कि लोगों ने अपने-अपने नल कनेक्शनों में टोंटियां नहीं लगाई हैं, जिससे पानी का अपव्यय भी अधिक हो रहा है। रोजाना हजारों लीटर पानी बेमतलब ही बह जाता है।

वीर सावरकर बस स्टैंड पर सूखे दोनों हैंडपंप, पानी की समस्या बढ़ी

जिम्मेदार बोले- जहां से भी जल संकट की सूचना मिलती है, वहां कर रहे व्यवस्था

बोर सूखने पर वार्डो में टेंकरों से की जा रही जल सप्लाई।

नगर की दोनों नदियां बारना और घोघरा पूरी तरह सूखीं

नगर की दोनों नदियां बारना एवं घोघरा पूरी तरह सूख चुकी हैं। जिससे मवेशियों को भी पानी पीने का संकट उत्पन्न हो गया है। एवं दोनों नदियों के सूख जाने से नगर के भू-जल स्तर में भी गिरावट आई है। नगर के पुराने कुएं एवं बावड़ियां भी पूरी तरह सूख चुके हैं। इनके संरक्षण की भी शासन प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।

टैंकरों व नलों से सप्लाई

नगर में जहां भी जल संकट सूचना प्राप्त होती है। नप द्वारा समय पर पानी के टैंकर पहुंचाए जा रहे हैं। इसके साथ ही नप के नलों से पानी की सप्लाई की जा रही है। एसएस श्रीवास्तव, सीएमओ नप बरेली

नगर के वार्डों में टैंकरों से की जा रही है पानी की सप्लाई

नगर परिषद क्षेत्र में वार्ड 1 से लेकर वार्ड 9 तक और वार्ड 15 में टैंकर पहुंचाए जा रहे हैं। इसके साथ ही जहां भी पानी की समस्या की जानकारी प्राप्त होती है। अधिकारियों ने बताया कि वहां तत्काल टैंकर पहुंचाकर व्यवस्था बनाई जाती है। इसलिए पानी के टैंकरों में विशेष पहचान के लिए सायरन की व्यवस्था की गई है। जिसकी आवाज सुनकर लोग टैंकर के पास आकर पानी भरने लगते हैं। सबसे ज्यादा परेशानी वार्ड क्रमांक 1,2,3,4,5,6,7,8,9 और 15 में है। यहां जल स्तर का प्रतिशत 100 फीट से नीचे जा चुका है। यहा के हैंडपंप और नलकूप सूखने की कगार पर पहुंच गए हैं। जो नए जलस्रोत हैं उनमें पानी बहुत कम मात्रा में निकल रहा है। नगर परिषद द्वारा टेंकरों की खेपे लगाकर पानी की सप्लाई इन वार्डों में की जा रही है।

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