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एक्टर मनोज वाजपेयी ने शेयर की लाइफ से जुड़ी बातें, कहा- पहले टेक में हो गए थे रिजेक्ट

भारतीय नृत्य कला मंदिर ऑडिटोरियम में एक्टर मनोज वाजपेयी पहुंचे थे।

Danik Bhaskar | Mar 08, 2018, 06:11 AM IST
भारतीय नृत्य कला मंदिर ऑडिटोरियम में एक्टर मनोज वाजपेयी पहुंचे थे। भारतीय नृत्य कला मंदिर ऑडिटोरियम में एक्टर मनोज वाजपेयी पहुंचे थे।

पटना . बुधवार को शहर के भारतीय नृत्य कला मंदिर ऑडिटोरियम में एक्टर मनोज वाजपेयी पहुंचे थे। उनके साथ एक बातचीत का कार्यक्रम शहर में चल रहे थियेटर ओलंपिक्स के तहत किया गया था। इस दौरान उन्होंने अपनी लाइफ से जुड़े एक्सपीरियंस शेयर किए। क्या कहा मनोज वाजपेयी ने...

- मनोज ने लाइफ एक्सपीरियंस शेयर करते हुए कहा, " फिल्म और टीवी की दुनिया में मेरे लिए चीजे आसान नहीं थी। यहां अपनी पहचान बनाने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा तब जाकर सफलता मिली।"

- मनोज ने बताया, मुझे लंबे दिनों के संघर्ष के बाद एक टीवी सीरियल में काम करने का ब्रेक मिला था। मगर, पहले ही टेक में मुझे रिजेक्ट कर दिया गया था।

- उसी दिन एक कॉमर्शियल फिल्म में काम करने पहुंच गया। जहां एक छोटे से रोल के लिए सिलेक्शन हुआ था। पहुंचने के बाद पता चला कि यहां मेरी जगह किसी दूसरे को रख लिया गया। थक हार के घर पहुंचा।
- उन्होंने बताया कि, घर जाकर एक फिल्म डायरेक्टर को फोन मिलाया। जिन्होंने एक फिल्म में काम देने का वादा किया था। उधर से डायरेक्टर ने जवाब दिया कि वह फिल्म प्रस्ताव फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।

- इस तरह से एक ही दिन में तीन जगह से रिजेक्शन से गहरी निराशा मिली। आगे की कहानी सुनाते हुए उन्होंने कहा कि रात को मेरा दोस्त सौरव शुक्ला मेरे कमरे में सोने आया।

- उसने कहा कि आज रात तू अपना हाथ मेरे छाती पर रख के सो जाओ। मैंने पूछा क्यों? उसने कहा अरे मुझे डर लगा रहा है कि कहीं तू सुसाइड न कर ले।

चिट्‌ठी में लिखी सच्ची बात
- मनोज ने बताया कि एक्टिंग मेरे लिए छात्र जीवन से ही सब कुछ बन गया, जबकि घरवाले चाहते थे कि मैं डॉक्टर बनूं।

- रंगमंच की दुनिया से जुड़ने के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय में नामांकन लेने पहुंच गया। बाद में जब लगा कि घर वालों को सच बताना चाहिए तब लेटर लिखकर सच बताया।


बातचीत के दौरान उन्होंने अपनी लाइफ से जुड़े एक्सपीरियंस शेयर किए। बातचीत के दौरान उन्होंने अपनी लाइफ से जुड़े एक्सपीरियंस शेयर किए।
मनोज तिवारी ये कार्यक्रम थियेटर ओलंपिक्स के तहत किया गया था। मनोज तिवारी ये कार्यक्रम थियेटर ओलंपिक्स के तहत किया गया था।
ऑडियंस से रूबरू होते मनोज। ऑडियंस से रूबरू होते मनोज।