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अधिकारियों की लापरवाही के कारण नहीं बदल सकी आदर्श गांव हरदौट की तस्वीर

सरकार स्वच्छता को लेकर कितने ही दावे करे, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और बयां करती है। जिस हरदोट गांव को गोकुल ग्राम...

Dainik Bhaskar

Mar 05, 2018, 02:05 AM IST
अधिकारियों की लापरवाही के कारण नहीं बदल सकी आदर्श गांव हरदौट की तस्वीर
सरकार स्वच्छता को लेकर कितने ही दावे करे, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और बयां करती है। जिस हरदोट गांव को गोकुल ग्राम आदर्श ग्राम व सांसद सुषमा स्वराज ने गोद लिया है। जब उसकी दशा नहीं बदली तो अन्य गांवों की क्या हालत होगी आसानी से समझा जा सकता है। ये तस्वीर है निर्मल ग्राम की उपाधि से नवाजे गए ग्राम हरदौट की। सरकारी रिकार्ड में यह ग्राम स्वच्छता की मिसाल है। हकीकत में यहां गंदगी का अंबार लगा हुआ है। कीचड़ से लबरेज रास्ते घरों के आसपास लगे कचरों के ढेर और नालियों का पानी सड़क पर बहना व गंदगी से घिरा गांव हरदौट की वर्तमान पहचान है।

गांव की इस हालत के लिए ग्राम पंचायत के साथ अधिकारी भी जिम्मेदार हैं जो अपनी उदासीनता के कारण इसकी देखरेख नहीं कर रहे हैं। जबकि सांसद सुषमा स्वराज ने इस गांव को गोद लिया है। उसके बावजूद अधिकारी इस ग्राम की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। गंदगी का आलम यह है कि पूरे हरदौट गांव में जगह- जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बहता रहता है। शासन ने इस गांव को पहले गोकुल ग्राम घोषित किया। बाद में इसे आदर्श ग्राम बनाने की घोषणा की गई। फिर स्वच्छता के लिए सर्वोत्तम निर्मल ग्राम की पदवी से भी इस गांव को नवाजा गया। लेकिन यह पुरस्कार और पदवियां व्यवहारिक धरातल पर झूठी साबित हो रही हैं। क्योंकि जमीनी हकीकत कुछ ओर है। गांव के रहवासी गंदगी में जीवन जीने को मजबूर हैं।

यहीं पर हैं नीलकंठेश्वर धाम : हरदौट के पास ही पाटन पर प्राचीन सिद्ध मंदिर नीलकंठेश्वर धाम है। जहां हर साल बसंत पंचमी पर भव्य मेले का आयोजन किया जाता है। दूर दराज इलाकों से हजारों लोग मेले में शामिल होने आते हैं। कावड़ यात्रा का भी यहां से भव्य आयोजन होता है। सैकड़ों लोग कांवड़ यात्रा में शामिल होकर जल लेने यहां से ही जाते हैं।

गांव के रहवासी गंदगी में जीवन जीने को मजबूर हैं

हरदौट गांव में जगह-जगह लगे कचरे के ढ़ेर सड़कों पर वह रहा गंदा पानी।

समस्यसा के समाधान के लिए कलेक्टर को दिया आवेदन

गांव के लोग व्याप्त गंदगी व अन्य समस्याओं के समाधान के लिए कलेक्टर को ज्ञापन दे चुके हैं। ग्रामीण प्रमोद किरार, अरविंद धाकड़, रमेश राय, बृजेश कुमार, मानसिंह, प्रदीप कुमार सहित दर्जनों लोगों ने कलेक्टर को ज्ञापन देकर गंदगी की समस्या के निदान की मांग की थी। ग्रामीणों का कहना है कि गंदगी के कारण कई संक्रामक बीमारियां जन्म लेती हैं। आसपास लगे घूरों से आगजनी की संभावना भी बनी रहती है। इस संबंध में जनपद उपाध्यक्ष मिथलेश शर्मा का कहना है कि गांव को आर्दश बनाने के लिए भरसक प्रयास किए जाएंगे।

गांव ने दिए कई बड़े जन प्रतिनिधि

हरदौट गांव ने क्षेत्र को कई बड़े जनप्रतिनिधि दिए हैं। इसके बावजूद गांव की स्थिति बदतर है। यहां से जनपद पंचायत अध्यक्ष पद पर कृष्णा राय एवं जिला पंचायत सदस्य के रूप में रामवती चौधरी चुनी जा चुकी हैं। पूर्व जिला पंचायत सदस्य के रूप में बद्री प्रसाद राय एवं वर्तमान में जिला पंचायत सदस्य के रूप में मदनलाल चौधरी काबिज हैं। वर्तमान जनपद पंचायत के उपाध्यक्ष पद पर यहां से प्रतिनिधित्व करने वाली मिथलेश शर्मा आसीन हैं। कृषि उपज मंडी में उपाध्यक्ष पद पर संतोष राय भी इसी गांव से हैं।

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