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अस्पताल में स्टाफ की कमी, ओपीडी में रोज आ रहे 150 मरीजों का जिम्मा सिर्फ एक डॉक्टर पर

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुल्तानगंज में डाॅक्टर्स सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों की कमी के चलते स्वास्थ्य...

Danik Bhaskar | Apr 04, 2018, 02:05 AM IST
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुल्तानगंज में डाॅक्टर्स सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों की कमी के चलते स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। अस्पताल मात्र एक डॉक्टर के भरोसे है। अन्य सुविधाओं का भी अभाव है। सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को तत्काल रेफर कर दिया जाता है।

शनिवार की शाम आरक्षक व अन्य तीन के घायल होने पर पुलिस को ही अपने आरक्षक सहित घायलों को बेगमगंज सिविल अस्पताल लेकर भागना पड़ा। क्योंकि घायलों के अस्पताल पहुंचने पर या तो डाॅक्टर मिलते नहीं हैं और अगर मिल भी जाएं तो मरीजों को रेफर कर दिया जाता है। इसमें से अधिकतर मरीजों की इलाज के अभाव में हालत और अधिक बिगड़ जाती है या फिर मौत हो जाती है। लोगों का कहना है कि यहां पर अच्छी सड़कें होने की वजह से आए दिन दुर्घटना के शिकार मरीज आते हैं, लेकिन उन्हें इलाज नहीं मिल पाता। सुल्तानगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मात्र एक डॉक्टर पदस्थ है और स्टाफ की भी कमी है। अधिकतर मरीज इलाज कराने के लिए या तो प्राइवेट डॉक्टर्स के पास जाते हैं या फिर सागर जाते हैं। ब्लाक की 60 पंचायतों में से 35 से अधिक पंचायतें के लोग सुल्तानगंज में बेहतर इलाज न मिलने से परेशान हैं।

समय पर उपचार नहीं मिलने से होती है लोगों की मौत

सरपंच ऊषा महेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि डॉक्टर सहित अन्य स्टाफ बढ़ाने के लिए कई बार मांग की गई जन प्रतिनिधियों को ज्ञापन दिए गए, लेकिन आज तक सुल्तानगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पद नहीं बढ़ाए गए हैं। जिससे क्षेत्र के लोग काफी परेशान हैं। सरकार स्वास्थ्य सेवाओं देने का दम तो भरती है लेकिन जमीनी हकीकत अलग है।

स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में कभी कभी तो सामान्य मरीजों को भी रेफर कर दिया जाता है। वहीं गंभीर मरीजों को रेफर करने के कारण उन्हे समय पर उपचार नहीं मिला पाता जिससे कई लोगों की मौत हो जाती है।