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खंडहर में तब्दील होते जा रहे हंै पर्यटक विभाग के टूरिज्म ढाबा

बेगमगंज| पर्यटक विभाग द्वारा राष्ट्रीय राजमार्गों पर पचास किमी की दूरी पर बनाए गए टूरिस्ट ढाबा चार साल बाद भी चालू...

Danik Bhaskar | Mar 10, 2018, 02:10 AM IST
बेगमगंज| पर्यटक विभाग द्वारा राष्ट्रीय राजमार्गों पर पचास किमी की दूरी पर बनाए गए टूरिस्ट ढाबा चार साल बाद भी चालू नही हो सके हैं। यह ढाबा लावारिस हालत में पड़े हैं। इनकी देख-रेख नहीं होने से क्षतिग्रस्त होने की कगार पर पहुंच गए हैं, सागर-भोपाल मार्ग पर गैरतगंज के पास और बेगमगंज तहसील के ग्राम मढिय़ा नाका के यहां टूरिस्ट ढाबा बनाए गए थे। अब तक इन टूरिज्म भवनों का न तो किराए पर दिया गया है और न ही विभाग ने चालू किए हैं। इस होटल से इस मार्ग से निकलने वाले पर्यटकों एवं अन्य यात्रियों की सुविधा के दृष्टिगत चाय नाश्ता, भोजन इत्यादि की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाना लक्ष्य था। विभाग द्वारा एक भवन में लगभग चालीस लाख रुपए खर्च किए है, लेकिन चार साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी अब तक यह ढाबा चालू नहीं हुए हैं, जबकि कहीं-कहीं ये ढाबा प्राइवेट लोगों को किराए पर दिए जा चुके हैं, लेकिन गैरतगंज और बेगमगंज तहसील के यह सुशोभित भवन खंडहर में तब्दील होते जा रहे हैं। शासन द्वारा पर्यटक निगम के माध्यम से प्रदेश भर में मुख्य सड़क मार्गों पर हर पचास किमी की दूरी पर पर्यटक होटलों की स्थापना की गई है।

गेट लगाया नहीं हुई बाउंड्री : पर्यटक विभाग के यह ढाबों में ठेकेदारों द्वारा शोभा बढ़ाने बड़े-बड़े लोहे के गेट तो लगा दिए हैं, लेकिन अब तक इनकी बाउंड्री नहीं बनायी है, जिससे इन ढाबों पर मवेशियों और आवारा लोगों का बैठना शुरू हो गया है। रात्रि के समय जानवरों का जमघट लगा रहता है।

बनाकर भूला विभाग : लाखों रुपए खर्च करने के बाद विभाग के अधिकारी इन ढाबों को भूल गए है, इनके रख रखाव और जिस हिसाब से पर्यटकों को बनाए गए है, लेकिन यह भवन देखरेख के अभाव में असामाजिक तत्वों एवं शराबियों का अड्डा बना गए हैं।