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नशे की गिरफ्त में युवा, खो रहे मानसिक संतुलन

बेगमगंज| समाज का एक बड़ा तबका युवा वर्ग नशे का आदी हो रहा है। नशा का असर अब छोटे शहरों व कस्बों में तेजी से दिखलाई देने...

Danik Bhaskar | Mar 25, 2018, 02:10 AM IST
बेगमगंज| समाज का एक बड़ा तबका युवा वर्ग नशे का आदी हो रहा है। नशा का असर अब छोटे शहरों व कस्बों में तेजी से दिखलाई देने लगे हैं।

शराब, गांजा, चरस व अन्य मादक पदार्थों के अलावा युवा वर्ग एक नए नशे को तेजी से उपयोग कर अपना जीवन बर्बाद कर रहे है जिससे उनका मानसिक संतुलन खराब हो रहा है और वह पागलों की तरह अपना जीवन व्यतीत करने पर मजबूर हो गए है। वह नशा है फ्लूड का, जो व्हाईटनर इरेज,के साथ दुकानों पर आसानी से मिल जाता है। इसके लिए शराब के ठेक पर नहीं जाना पड़ता, यह जनरल स्टोर, स्टेशनरी आदि की दुकानों पर बेधड़क बेचा जाता है इसके खरीदने पर किसी को शक भी नहीं होता।

क्या है फ्लूड और कैसे किया जाता है इसका सेवन : फ्लूड जो व्हाइटनर इरेज की शीशी के साथ थिनर टाइप का पानी शीश में व्हाइट फ्लूड को पतला करने के लिए साथ आता है जिसे लोग थिनर आदि नाम देते है ।

युवा वर्ग के लिए कुछ लोगों ने यह धीमा जहर बेचने के लिए स्थान निश्चित कर लिए है इस फ्लूड को एक कपड़े पर डाल कर सूंघा जाता है। इसकी शीशी 40 रुपए से लेकर 60 रुपए तक में आसानी से मिल जाती है।

फ्लूड नशा करने वालों पर इसका असर : फ्लूड का नशा दिलो दिमाग पर छा जाता है। इस प्रकार के नशे के आदि युवक पागलों की तरह हरकतें करने लगते है धीरे धीरे नशे की लत उन्हें किसी काम का नहीं छोड़ती उनके सोचने समझने की शक्ति कम हो जाती है।