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गो शब्द में होता है भगवान गोविंद का वासः विनोद कृष्ण शास्त्री

बेगमगंज| बरखुआ गांव में चल रही भागवत कथा के पांचवें दिन पं. विनोद कृष्ण शास्त्री ने कथा का वाचन करते हुए बताया कि...

Danik Bhaskar | Feb 10, 2018, 02:15 AM IST
बेगमगंज| बरखुआ गांव में चल रही भागवत कथा के पांचवें दिन पं. विनोद कृष्ण शास्त्री ने कथा का वाचन करते हुए बताया कि कृष्ण का जन्म तो मथुरा में हुआ पर मथुरा में रुके नहीं। जन्म लेते ही तुरंत गोकुल चले गए क्योंकि गोकुल में गोपी, ग्वाल, गो, गुरुओं का वास है। जहां गोपी ग्वाल गाय रहती हैं वहीं कृष्ण का वास होता है। उन्होंने कहा कि गोपी, ग्वाल, गाय में ही निर्मलता है। जहां निर्मलता और प्रेम का भाव है वहीं गोकुल हमें भी गोपी ग्वाल की तरह निर्मल बनना पड़ेगा। तभी हमारे अंदर गोविंद का वास संभव है। श्री शास्त्री ने आगे कहा कि गोपी कोई स्त्री नहीं हैं गोपी का तात्पर्य अपनी इन्द्रियों द्वारा माधव की लीला का रसपान कराना हे।