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नदी जोड़ो कार्यक्रम में शामिल हुई बीना बांध परियोजना, दिल्ली में लगी मुहर

क्या बेगमगंज मप्र का दूसरा हरसूद बनने जा रहा है! अब इस सवाल के उत्तर की परतें धीरे धीरे खुलना शुरू हो गई हैं। बीते...

Dainik Bhaskar

Feb 22, 2018, 02:15 AM IST
नदी जोड़ो कार्यक्रम में शामिल हुई बीना बांध परियोजना, दिल्ली में लगी मुहर
क्या बेगमगंज मप्र का दूसरा हरसूद बनने जा रहा है! अब इस सवाल के उत्तर की परतें धीरे धीरे खुलना शुरू हो गई हैं। बीते मंगलवार को दिल्ली में मप्र के मुख्यमंत्री और केन्द्रीय जल संसाधन मंत्री नितिन गडकरी के बीच हुई बैठक में केन बेतवा लिंक परियोजना में बीना बांध परियोजना, निचला ओर बांध परियोजना तथा कोठी बैराज परियोजना को नदी जोड़ों परियोजना में शामिल कर 26 हजार करोड़ की इस परियोजना का कार्य पहले चरण में पूरा करने पर समझौता हो गया है। परियोजना का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कराया जाना प्रस्तावित है।

बीना बांध परियोजना में मढ़िया बांध में बेगमगंज तहसील की करीब 3250 हेक्टेयर भूमि किसानों की डूब में आ रही है। तीन गांव ककरुआ ब. गढ़ी, चांदमऊ एवं खिरिया पाराशर के पूरी तरह डूब में आने के अलावा 34 गांव बेगमगंज तहसील के व 3 गांव गैरतगंज के हैं जिनकी भूमि प्रभावित हो रही है या फिर कुछ गांव अांशिक रूप से प्रभावित हो रहे हैं। विभाग ने जो नक्शा मढ़िया बांध का जारी किया है उसमें नीली लाइन के अंदर पानी हमेशा रहना है। लाल घेरे में बेगमगंज है। उक्त नक्शे के एतबार से पश्चिम दिशा में बीना नदी का पानी नगर की सीमा से कुछ दूर तक रहेगा तो पूर्व दिशा की नदियों से भी पानी अधिक दूर रहेगा। नक्शे से स्पष्ट हो रहा है कि बेगमगंज पानी से घिर रहा है, लेकिन डूब नहीं रहा है। बारिश में क्या स्थिति बनेगी, नक्शे से अंदाजा लगाया जा सकता है।

बेगमगंज तहसील की 3250 हेक्टेयर भूमि होगी प्रभावित, तीन गांव पूरी तरह डूबेंगे

बीना बांध में मढ़िया बांध का नक्शा जिसमें बताया गया कि नीली लाइन के अंदर रहेगा पानी

खबर सुनते ही लोगों ने रोक दिए काम

बीना बांध की खबरेें और कार्रवाई से किसान चिंतित नजर आने लगे हैं। लोग अपने मकानों का काम बीच में ही छोड़कर स्थिति समझ रहे हैं। कई लोगों ने अपने भवनाें के निर्माण कार्य पूरी तरह बंद कर दिए हैं। इधर मेधा पाटकर के पत्र की चर्चा अभी थमी भी नहीं थी कि दिल्ली में हुई बैठक में समझौता की जानकारी लगते ही लोगों में फिर बेचैनी बढ़ गई है। लोग अब उस नक्शे का इंतजार कर रहे हैं जिसमें लाल लाइन से किसकी कितनी भूमि डूब में आएगी, दर्शाया जाना है।

काॅलोनाइजरों में मायूसी

नगर में विभिन्न स्थानों पर काॅलोनाइजर काॅलोनी काटकर किश्तों में प्लाट उपलब्ध करा रहे हैं लेकिन बीना बांध की खबरों ने लोगों को घबरा दिया है। इससे प्लाटिंग के काम पर असर पड़ रहा है। इस संबंध में सचिन इंद्रवाल कार्यपालन यंत्री बीना प्रोजेक्ट राहतगढ़ का कहना है कि उक्त नक्शा ले आउट का है शीघ्र ही डूब क्षेत्र को चिन्हित करने के लिए पत्थर गाड़कर सीमा बंदी की जाना है। इससे किसानों को स्पष्ट हो जाएगा कि कितनी भूमि डूब में आ रही है और डेम का पानी कहां तक रहेगा। दिल्ली में हुई बैठक की जानकारी हमें नहीं है, भोपाल कार्यालय से पता करें।

प्रभावित भूमि

ले आउट नक्शे के आधार पर मढ़िया बांध में बेगमगंज व राहतगढ़ तहसील की वन भूमि का एरिया 130.98 हेक्टेयर, कृषि भूमि 6326.345 हेक्टेयर, राजस्व भूमि 680.455 कुल 7137.78 हेक्टेयर भूमि डूब में आएगी।

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