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हम इस्लामी शरीयत की पाबंद हैं, केंद्र सरकार तीन तलाक का बिल वापस ले

आॅल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लाॅ बोर्ड के आव्हान पर नगर की सैकड़ों मुस्लिम महिलाओं ने जामा मस्जिद से आरिफ मसूद भोपाल...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 28, 2018, 03:20 AM IST

हम इस्लामी शरीयत की पाबंद हैं, केंद्र सरकार तीन तलाक का बिल वापस ले
आॅल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लाॅ बोर्ड के आव्हान पर नगर की सैकड़ों मुस्लिम महिलाओं ने जामा मस्जिद से आरिफ मसूद भोपाल की सरपरस्ती व शहर काजी हाफिज अब्दुल मजीद खां, आलिम बाजी फिरदौस जहां के नेतृत्व में मौन जुलूस निकाला।

विभिन्न मार्गों से होते हुए जुलूस की शक्ल में मुस्लिम महिलाएं तहसील पहुंचीं, जहां राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री के नाम का नायब तहसीलदार थानसिंह लोधी को ज्ञापन सौंपकर केन्द्र सरकार द्वारा संसद में पास किए गए तीन तलाक बिल को वापस लेने की मांग की। वहीं संयुक्त संसद सत्र में राष्ट्रपति ने मुस्लिम महिलाओं के बारे में जो टिप्पणी की है, उसे कार्रवाई से निकालने की पुरजोर मांग की। जुलूस जामा मस्जिद से शुरू होकर,पक्का फाटक, बढ़ापुरा, कबीट चौराहा, गांधी बाजार, पुराना बस स्टैंड, नया स्टैंड से होता हुआ तहसील पहुंचा। ज्ञापन का वाचन मुस्लिम महिला धर्म गुरु शबनम बाजी ने किया। इस दौरान महिला मुस्लिम धर्म गुरु आलिमा बाजी फिरदोस जहां ,फैहमीदा बी,नसरा बी, रेहाना बेगम, अंजुम खान मौजूद रहीं।

ज्ञापन में कहा गया है कि हम मुस्लिम महिलाओं का यह शदीद एहसास है कि प्रोटेक्शन आफ राइट्स इन मैरिज एक्ट 2007 बड़ी जल्दी में सरकार ने पास किया। इस बिल की तैयारी में किसी मुस्लिम धर्मगुरु और बुद्धिजीवियों से कोई राय मशविरा नहीं लिया गया। सुप्रीम कोर्ट का फैसला अगस्त 17 में आने के बाद ऐसे किसी बिल की कोई जरूरत नहीं थी। ये बिल दरअसल भारतीय संविधान की दफाआें और महिलाओं, बच्चाें के हितों के सख्त खिलाफ है। ज्ञापन में इस बिल को यथा शीघ्र वापस लेने बिल पर पुनः विचार करने की मांग करते हुए राष्ट्रपति के हाल ही के संयुक्त संसद सत्र में भाषण के दौरान मुस्लिम महिलाओं के संबंध में की गई बात की निंदा करते हुए हुकूमत से मांग की है कि वो राष्ट्रपति के उन शब्दाें और रिमार्क को हटा दें। मुस्लिम वूमैन प्रोटेक्शन बिल के नाम पर मुस्लिम महिलाआें की भावनाओं के साथ खिलवाड़ न करें। जुलूस व ज्ञापन के दौरान बड़ी संख्या में मुस्लिम-पुरुष नौजवान भी साथ रहे। जिन्होंने दूर रहकर व्यवस्थाआें को अंजाम दिया। जुलूस के लिए आॅल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लाॅ बोर्ड, जमिअत उलेमा,इस्लाहे मिल्लत कमेटी, न्यू यंग मोमिन ग्रुप, ब्लाक मुस्लिम त्योहार कमेटी, न्यू इंडियन मोमिन एकता ग्रुप, खिदमतगुजार तंजीम हिदायतपुर, स्टूडेंट आॅफ सोसायटी सोशल वर्कर, आरिफ मसूद फैंस क्लब, एनआरआई ग्रुप, बीओआई ग्रुप, मंसूरी समाज संगठन, हासिमी ग्रुप काजी मोहल्ला, हुसैन ग्रुप आदि ने व्यवस्थाएं संभाली।

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम का दिया ज्ञापन

राष्ट्रपति द्वारा मुस्लिम महिलाओं के बारे में की गई टिप्पणी को कार्रवाई से निकालने की मांग

तीन तलाक बिल का मुस्लिम महिलाओं ने किया विरोध।

मुस्लिम महिलाओं पर जुल्म है तीन तलाक बिल

जुलूस में मुस्लिम महिलाएं तीन तलाक बिल वापस लो का स्लोगन लिखा बैनर लेकर चल रही थीं। हाथों में तख्तियां थीं जिन पर लिखा था कि मुस्लिम महिलाएं मुस्लिम पर्सनल लाॅ बोर्ड के साथ हैं। तीन तलाक बिल मुस्लिम महिलाओं पर जुल्म है, हम इस्लामी शरीयत के पाबंद है, मुस्लिम औरतों की पुकार हर कदम शरीयत के साथ। यह पहला मौका था जब बड़ी तादाद में मुस्लिम महिलाएं घरों से बाहर निकलीं और पर्दे के साथ शांति पूर्वक मौन जुलूस निकालकर ज्ञापन सौंपा।

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