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कंेचुआ खाद से उपज डेढ़ गुना बढ़ी, गेहूं के मिल रहे ज्यादा दाम

बेगमगंज| सूखे और उपज के कम दाम मिलने से परेशान किसान केंचुआ खाद को अपनाकर कृषि के साथ ही व्यापारिक रूप से भी अपने आप...

Danik Bhaskar | Feb 04, 2018, 04:15 AM IST
बेगमगंज| सूखे और उपज के कम दाम मिलने से परेशान किसान केंचुआ खाद को अपनाकर कृषि के साथ ही व्यापारिक रूप से भी अपने आप को मजबूत बना रहे है। तहसील में करीब 200 किसान 500 एकड़ जमीन में केंचुआ खाद का प्रयोग कर रहे हैं। इससे न सिर्फ उनकी पैदावार बढ़ी है। बल्कि गेहूं की उपज के दाम भी डेढ़ गुना तक मिल रहे है। एक दर्जन किसान इसकी यूनिट लगाकर न सिर्फ अपनी जमीन में जैविक खेती कर रहे ह।ै बल्कि केंचुआ खाद की बिक्री कर 10 से 20 हजार रुपए प्रतिमाह तक कमा रहे हैं।

कृषि विभाग द्वारा कई किसानों को इसमें दक्ष किया गया है जिन्होंने केंचुआ पैदा करने की यूनिट अपने अपने गांव में स्थापित की है। जिससे अन्य किसान भी तेजी से जुड़ रहे है। पूर्व में मात्र ग्राम पांडाझिर में यह यूनिट एक महिला राधा बाई दुबे ने शुरू की थी लेकिन आज इस तरह की कई युनिट तहसील में बन चुकी हैं।

दो माह में 30 हजार की बिक्री मांग उससे भी ज्यादा : ग्राम पांडाझिर की किसान राधा बाई दुबे, ग्राम भुरेरू के किसान सुरेन्द्र कुशवाहा वर्मी कम्पोस्ट से खाद बनाकर क्षेत्र सहित आसपास के जिले के किसानों को बेच रहे है एक माह में करीब 30-30 हजार की खाद दो माह में बेंच चुके है। प्रत्येक माह मांग इससे अधिक है लेकिन सीमित यूनिट के चलते पूर्ति नहीं कर पा रहे है। वे बताते है कि महाराष्ट्र में रोट 20 से 25 रुपए प्रति किलो मिल रहे है।

पैदावार में 25 फीसदी इजाफा रेट भी मिल रहे डेढ़ से दो गुना : पांडाझिर व भुरेरू एवं भुरेरू गांव से लगे राहतगढ़ जिला सागर में सर्वाधिक 200 हैक्टेयर में केंचुआ खाद से खेती हो रही है यहां के पाराशरी के गांव के किसान अशोक पटेल दो साल से 5 एकड़ में जैविक खेती कर रहे है उनके मुताबिक पहले एक एकड़ में 6 से 8 क्विंटल गेहूं की उपज होती थी अब 10 से 12 क्विंटल होने लगी है। पहले गेहूं के रेट जहां 1600 रू क्विंटल मिलते थे उसे अब कई लोग घर से ही 3000 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदकर ले जाते है।