--Advertisement--

एससी-एसटी एक्ट में बदलाव के खिलाफ उतरा चिढ़ार समाज

सुप्रीम कोर्ट द्वारा एससीएसटी एक्ट 1989 के प्रावधानों में किए गए बदलाव को लेकर देश भर में अनुसूचित जाति जन जाति के...

Danik Bhaskar | Apr 01, 2018, 04:15 AM IST
सुप्रीम कोर्ट द्वारा एससीएसटी एक्ट 1989 के प्रावधानों में किए गए बदलाव को लेकर देश भर में अनुसूचित जाति जन जाति के विभिन्न संगठनों ने 2 अप्रैल 2018 को भारत बंद का ऐलान किया है। जिसे चिढ़ार समाज बेगमगंज ने भी अपना समर्थन देते हुए प्रतिष्ठान बंद रखने का निर्णय लिया है।

समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष टीआर अठ्या ने संगठन की सभी राज्य एवं जिला इकाइयों को पत्र भेजकर लिखा है कि समाज की राय में जस्टिस यू ललित और आदर्श गोयल की बेंच द्वारा दिया गया फैसला जाति उत्पीड़न के सामाजिक यथार्थ की अनदेखी करता है। हर रोज अनुसूचित जाति जन जाति वर्गों पर गुजर रही सामाजिक उत्पीड़न की घटनाओं और प्रताड़नाएं समाज को जातिगत आधार पर परेशान किए हुए है। उसके बावजूद न्यायालय में सरकारी वकील ने इसका विरोध नहीं किया। इसके खतरनाक परिणामों के बारे में अदालत में अपना पक्ष नहीं रखा।

चिढ़ार समाज संगठन ने केंद्र सरकार से मांग की है कि वह तुरंत इस प्रतिगामी फैसले के विरुद्ध पुनर्विचार याचिका दाखिल करे। नहीं तो 2 अप्रैल को अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर ज्ञापन के माध्यम से करेगी। चिढ़ार समाज संगठन ने समाज से अपील करते हुए कहा है कि अपने शहर गांव में जहां भी रहते हैं भारत बंद के आयोजन को अपना समर्थन देकर सफल बनाने में सहयोग प्रदान करें। संविधान को बचाने के लिए आगे आए साथ ही समाज संगठन की समस्त जिला तहसील इकाइयां राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री के नाम से ज्ञापन प्रेषित करें।