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नदी के पानी से सिंचाई करने पर बढ़ा संकट

क्षेत्र की जीवन दायनी बीना नदी के समय से पहले सूख जाने से ग्रामीण क्षेत्रों में अभी से जल संकट गहरा गया है।...

Danik Bhaskar | Feb 25, 2018, 05:20 AM IST
क्षेत्र की जीवन दायनी बीना नदी के समय से पहले सूख जाने से ग्रामीण क्षेत्रों में अभी से जल संकट गहरा गया है। ग्रामीणों को अभी से पेयजल के लिए मशक्कत करना पड़ रही है। नदी का सारा पानी सिंचाई के लिए उपयोग करने के बाद अब मवेशियों तक के लिए पीने के लिए पानी की परेशानी खड़ी हो गई है। यह सब इसलिए हुआ कि खजुरिया घाट पर बन रहे पुल व उससे आगे बनाए जा रहे एक स्टाम्प डेम के अधिकारियों द्वारा नदी में पानी नहीं आने देने के लिए नगर पालिका को पत्र लिखा है, जिसके कारण नगर पालिका ने सेमरी नदी में अपने स्टाप डेम पर उतना ही पानी स्टोरेज किया है जिससे नगर की पानी की टंकियों में पानी आ सके। ओवर पानी ऊपर के स्टाम्प डेम से आगे नहीं आने दिया जा रहा ताकि ओवर फ्लो न हो। स्टाप डेम व पुल का निर्माण कर रहे विभागों ने आवेदन इस लिए दिया है कि उनका निर्माण कार्य प्रभावित न हो। उनकी सोच है कि कहीं ऊपर से पानी छूटा और नए निर्माण में आ गया तो उनकी मेहनत बेकार जली जाएगी। वही किसान हरनाम सिंह लोधी, जाहर सिंह, राकेश जैन,इस्माइल खान का कहना है कि यदि नदी में पानी नहीं आएगा तो हमारे मवेशी प्यासे मर जाएंगे, क्योंकि गांवों के जल स्त्रोतों का जल स्तर काफी नीचे चला गया है यदि नदी में पानी भरा रहा तो जल स्तोत्रों की झिरें रिचार्ज होती रहेगी। इसलिए उन्होंने एसडीएम डीके सिंह को आवेदन देकर सेमरी नदी का ओवर पानी बीना में छोड़ने की मांग की है। कुल मिलाकर किसानों और संबंधित विभागों के आवेदनों में प्रशासन उलझकर रह गया है इसलिए उन्होंने रास्ता निकाला है कि जो निर्माण कार्य चल रहे है उनके बेसमेंट का कार्य जल्दी निपट लिया जाए ताकि पानी छोड़ने पर उनका नुकसान न हो।