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कार्यशाला में बताया पौष्टिक आहार का महत्व

बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं उनके सर्वांगीण विकास के लिए उन्हें पर्याप्त मात्रा में पोषणयुक्त खाद्य पदार्थ माता...

Dainik Bhaskar

Sep 13, 2018, 02:10 AM IST
Begumganj - कार्यशाला में बताया पौष्टिक आहार का महत्व
बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं उनके सर्वांगीण विकास के लिए उन्हें पर्याप्त मात्रा में पोषणयुक्त खाद्य पदार्थ माता एवं शिशु दोनों को दिया जाना आवश्यक है। पोषणयुक्त आहार के लिए बाहर से खाद्य पदार्थ क्रय करने की आवश्यकता नहीं होता बल्कि यह हम सभी के घरों में उपलब्ध रहता है। इसे प्रतिदिन पर्याप्त मात्रा में माता एवं शिशु दोनों को दिया जाना चाहिए।

यह बात महिला बाल विकास परियोजना अधिकारी भावना पाटने पर्यवेक्षक प्रेमबाई पंथी राष्ट्रीय पोषण माह के तहत कार्यशाला में कही। कार्यशाला में आशा, ऊषा एवं एएनएम सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। कार्यशाला में पर्यवेक्षक प्रेमबाई पंथी ने पीपीटी के माध्यम से पोषण माह के तहत आयोजित की जाने वाली गतिविधियों के संबंध में जानकारी दी। और बताया कि पोषण अभियान एक व्यापक जनआंदोलन है ताकि लोगों को पोषण के महत्व के बारे में बताया जा सके। समाज में जन जागरूकता लाकर इस जन आंदोलन को सफल बनाने में आप सब की अहम भूमिका है।

राष्ट्रीय पोषण माह

6 वर्ष तक के बच्चों, किशोरियों, गर्भवती एवं धात्री माताओं के स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सुधार लाना है उद्देश्य

राष्ट्रीय पोषण माह के तहत कार्यशाला में बड़ी संख्या में मौजूद रहीं कार्यकर्ताएं।

30 तक मनाया जा रहा है राष्ट्रीय पोषण माह

परियोजना अधिकारी भावना पाटने ने बताया गया कि समाज को कुपोषण से मुक्त करने के लिए 30 सितम्बर तक राष्ट्रीय पोषण माह मनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य 6 वर्ष तक के बच्चों, किशोरियों, गर्भवती एवं धात्री माताओं के स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सुधार लाना है। साथ ही 6 वर्ष तक के बच्चों में ठिगनेपन से बचाव ,अल्प पोषण से बचाव एवं इसमें कमी लाना, 6 से 59 माह के बच्चों में एनीमिया के प्रसार में कमी लाना, किशोरियों, गर्भवती एवं धात्री माताओं में एनीमिया के प्रसार में कमी लाना तथा कम वजन के साथ जन्म लेने वाले बच्चों की संख्या में कमी लाना है।

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