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शहर में 12 डेंजर जोन, इनमें से ज्यादातर स्कूल,अस्पताल के पास

शहर की सड़कों पर सरपट दौड़ते वाहनों की तेज गति पर लगाम नहीं लग पा रही है। स्थिति यह है कि बेलगाम वाहन शहर के व्यस्ततम...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 15, 2018, 02:05 AM IST

शहर में 12 डेंजर जोन, इनमें से ज्यादातर स्कूल,अस्पताल के पास
शहर की सड़कों पर सरपट दौड़ते वाहनों की तेज गति पर लगाम नहीं लग पा रही है। स्थिति यह है कि बेलगाम वाहन शहर के व्यस्ततम चौराहों, मोड़, मोहल्लों को जोड़ने वाली गलियों, स्कूलों, सरकारी कार्यालय, नर्सिंग होम आदि के आसपास से भी बेखौफ होकर अंधाधुंध गति से दौड़ते हैं। इससे हादसे की आशंका बनी रहती है।

शहर के दशहरा मैदान से सागर रोड सुल्तानगंज तिगड्डा तक एवं गांधीबाजार रोड, कन्या स्कूल रोड तक ऐसे डेंजर स्पॉट की पड़ताल की तो करीब 12 स्पाॅट सामने आए, जहां कई बार दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन जिम्मेदारों ने यहां सुरक्षा को लेकर कोई व्यापक इंतजाम नहीं किए हैं।

नपा से समन्वय कर बनाएंगे सुरक्षा व्यवस्था

शहर के जो भी डेंजर जोन क्षेत्र हैं, उनकी पहचान कर वहां पर नगरपालिका से समन्वय कर जल्द ही सुरक्षा व्यवस्था के उपाय करेंगे। जहां स्पीड ब्रेकर, संकेतक की जरूरत होगी, वहां उसकी व्यवस्था की जाएगी। अरविंद पांडे, यातायात प्रभारी बेगमगंज

शहर में ऐसे डेंजर स्पॉट की पड़ताल की तो करीब 12 स्पाॅट सामने आए, जहां कई बार हो चुकी हैं दुर्घटनाएं

ये किए जा सकते हैं उपाय

सभी मार्गों तथा मोड से थोड़ी दूरी पर स्पीड ब्रेकर बनाएं जाएं। कई जगह अतिक्रमण हटवाकर चौड़ीकरण व सौंदर्यीकरण हो। डेंजर स्पॉट पर बैरिकेडिंग, संकेतक और प्रमुख चौराहों पर सिग्नल व्यवस्था की जाए। बस स्टैंड से सागर भोपाल मार्ग गांधी बाजार रोड, सहित अन्य सड़कों के किनारे पार्क किए जाने वाले वाहनों पर हर दिन कार्रवाई की जाएं। दुकानों के सामने रखे जाने वाले सामान और सड़क पर वाहन खड़े कर होने वाली लोडिंग-अनलोडिंग पर रोक लगे।

कुछ स्थान हंै स्कूल व अस्पतालों के पास, फिर भी सुरक्षा के नहीं हंै व्यापक इंतजाम

ये हैं शहर के प्रमुख डेंजर जोन : जहां बनी रहती है दुर्घटना की आशंका

बस स्टैंड तिराहा : सागर भोपाल मार्ग के साथ बस स्टैंड के अंदर जाना और कन्या स्कूल के लिए मुड़ना खतरनाक है। यहां तिराहे से बसों का आना-जाना लगा रहता है। यहां से कुछ आगे एमएलवी कन्या स्कूल की बाउंड्रीवाल से लगकर विभिन्न प्रकार की दुकानें लग जाती हैं। यहीं पर वाहनाें को भी पार्क कर दिया जाता है। इससे सड़क संकरी हो जाती है। स्कूली बच्चे बड़ी संख्या में गुजरते हैं। यहां कई बार दुर्घटनाएं हो चुकी हंै।

दशहरा मैदान : यहां पर एसबीआई बैंक, विवेकानंद कंप्यूटर काॅलेज, महर्षि कान्वेंट स्कूल, नेहरू पब्लिक स्कूल, सेंट थामस कान्वेंट सीनियर सेकंडरी स्कूल के साथ ही एसबीआई कॉलोनी , रामनगर श्यामनगर जाने का रास्ता है। भारी वाहन खड़े किए जाते हैं। वाहनों की पार्किंग सड़क किनारे की जाती है। यहां से वाहन गलत साइड से टर्न लेते हैं, क्योंकि चौराहे पर बने सर्कल से नियमानुसार टर्न लेने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। चौराहे के पास दो बिजली डीपी लगी हुई है। इस मार्ग से दिनभर में हजारों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। कई बार दुर्घटनाएं हो चुकी है।

ब्लाक तिराहा : यहां पर एक तरफ ब्लाक तो दूसरी तरफ मार्केटिंग सोसायटी, कोआॅपरेटिव बैंक, दीनदयाल काॅलोनी पर भी लोगों का आवागमन व कम्प्यूटर वर्क सहित अन्य दुकानों के सामने भीड़ होने से कई बार दुर्घटनाएं घटित हो चुकी हैं। कुछ लोग अपनी जान भी गंवा चुके हैं, लेकिन आज तक व्यवस्थाएं या गतिअवरोधक नहीं बनाए गए हैं।

अस्पताल चौराहा : एक तरफ अस्पताल व रोगी कल्याण समिति का मार्केट तो दूसरी तरफ नगर पालिका कार्यालय, आईएसआई बैंक, मेडिकल स्टोर आदि होने से यहां भी कई बार दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। अस्पताल परिसर में से ही कन्याएं गर्ल्स स्कूल आती-जाती हंै।

डेंजर जाेन वाले स्थानों पर बनी रहती है दुर्घटना की आशंका।

विश्रामगृह चौराहा : विश्राम गृह चौराहा़ पर रोड उप जेल तक जाता है तो दूसरी ओर उत्कृष्ट स्कूल, एक तरफ तहसील तो दूसरी तरफ थाना तो तीसरी तरफ न्यायालय होने से आवागमन अधिक होता है यहां से गंभीरिया मोहल्ला, टीचर काॅलोनी की ओर जाने वाले भारी वाहन तेज गति से दौड़ते हैं। कई हादसे हो चुके हैं। एसडीएम के बंगले के साइड वाला फर्सी रोड तो दूसरी ओर गंभीरिया रोड पर भी वाहन तेज गति से गुजरते हैं।

पुराना बस स्टैंड : यहां पर तिराहा और चौराहा भी है। एक रोड गांधी बाजार के लिए तो दूसरा खिरिया नारायण दास मोहल्ले के लिए तो तीसरा बकरी बाजार, चौथा फकीरा पुरा को जाता है। यहां भी भारी यातायात रहता है। पुलिया के पास कई हादसे हो चुके हंै। मदन नामदेव की मौत भी हो चुकी है।

सागरमल पुलिया : इस चौराह पर सागर भोपाल मार्ग के साथ ही गढ़ोईपुर मार्ग तो दूसरी ओर पक्का फाटक मार्ग है। मनोज मेडिकल से लगी दो गलियां हैं तो दूसरी ओर घोषी मोहल्ला व गढ़ाेईपुर जाने के लिए फिर चौराहा है। यहां पर भी भीड़ होने के कारण अचानक रास्तों से निकलकर आने वाले वाहनों से कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं।

शिवालय चौराहा : गांधी बाजार रोड पर शिवालय मंदिर के चारो ओर के रास्ते सब्जी बाजार आदि होने से काफी गहमा गहमी यहांं रहती है और दिन में कई बार यहा जाम लगता है और वाहन टकराते है।

मर्कज चौराहा : मर्कज वाली मस्जिद के पास चार रास्ते व दो गलियां है यहां कन्या स्कूल, अस्पताल, बस स्टैंड के साथ ही मंदिर मस्जिद, जैन मंदिर जाने आने वालों की भीड़ के साथ महिलाओं की अधिकता रहती है कई बार जाम लगता है कई दुर्घटनाएं हो चुकी है।

कबीट चौराहाः यहां भी चार मार्गों के अलावा गलियां व अन्य मार्ग मिले हुए होने से पुरानी बस्ती का पूरा आवागमन के साथ ही आर्दश स्कूल के विद्यार्थियों, जैन मंदिर, पीराशाह व जामा मस्जिद होने से आवागमन अधिक होने से यहां भी दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है

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