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एक माह में आलू का भाव 10 से हो गया 22 रुपए किलो

पिछले महीने तक सब्जियों का राजा आलू 10 रुपए किलो बिका। अप्रैल में इसके फुटकर भाव में तेजी से उछाल आया। देखते ही...

Dainik Bhaskar

May 02, 2018, 02:05 AM IST
एक माह में आलू का भाव 10 से हो गया 22 रुपए किलो
पिछले महीने तक सब्जियों का राजा आलू 10 रुपए किलो बिका। अप्रैल में इसके फुटकर भाव में तेजी से उछाल आया। देखते ही देखते आलू के रेट 22 रुपए प्रति किलो हो गए। यानी महीने भर में एक किलो आलू के भाव 12 रुपए बढ़ गए।

थोक व्यापार से जुड़े अनवार खां राइन कहते हैं कि चिप्स के लिए सब्जियों के राजा की डिमांड मार्च में बढ़ी, लेकिन रेट अप्रैल से बढ़ना शुरू हुए। रेट में वृद्धि की प्रमुख वजह यह है कि पिछले साल के मुकाबले रकबा करीब 40 फीसदी तक कम है। दूसरा यह कि पिछले साल आलू की जमकर बेकदरी हुई थी, इस कारण किसानों ने सीमित रकबे में आलू की बुआई की। थोक कारोबारी मजीद खां का कहना है कि सागर मंडी में यूपी के आगरा और इटावा से जो आलू आ रहा उसे बेगमगंज लाया जाता है। ट्रांसपोर्टेशन खर्च अधिक रहने से भी भाव बढ़े हैं। बाहर से 18 रुपए किलो आलू आ रहा है। लेकिन मई में इसके भाव और उछल सकते हैं।

फुटकर रेट पर कोई अंकुश नहीं : थोक के भाव में उछाल के साथ ही फुटकर बाजार में सब्जी विक्रेताओं ने फायदा उठाना शुरू कर दिया है। पिछले दिनों 20 रुपए में ढाई किलो तक आलू बिका था। ग्राहकों का कहना है कि आलू के फुटकर रेट पर किसी तरह का अंकुश नहीं है। फुटकर विक्रेता कहते हैं कि मंडी और लोडिंग का खर्च मिलाकर देखें तो 20 रुपए प्रति किलो का रेट बनता है।

आम अभी महंगा : 80 से 100 रुपए किलो रुपए फलों के राजा आम का सीजन शुरू हुए लगभग एक माह होने को है। अभी भी आम 80 से 100 रुपए किलो के रेट पर बिक रहा है। आम की फसल इस बार कमजोर है। इससे दाम अधिक हैं। आंध्रप्रदेश का बादाम आम ही बाजार में बिकने आ रहा है। तमिलनाडु, कर्नाटक से आम की आवक पिछले वर्षों के मुकाबले कम है। तोतापरी और दशहरी जैसे आमों के लिए अभी 15 दिन और इंतजार करना पड़ सकता है। बाजार में आने के बाद कीमतें कम हो सकती हैं। आम की कच्ची केरी पिछले 10 दिनों में 40 रुपए से गिर कर 20 रुपए प्रति किलो हो गई है।

गर्मी का असर

पिछले साल के मुकाबले करीब 40 फीसदी कम रहा रकबा, व्यापारी बोले-ट्रांसपोर्टेशन खर्च अधिक रहने से भी भाव बढ़े

हरी सब्जी पर दिखेगा अब गर्मी का असर

वहीं लगातार बढ़ती गर्मी का असर अब हरी सब्जियों की कीमतों पर दिखेगा। इस बार अप्रैल में ही पारा 42 डिग्री तक पहुंच गया है। ऐसे में हरी सब्जियों की कीमतें अप्रैल के मुकाबले मई में 50 फीसदी तक बढ़ सकती हैं। अभी प्याज और टमाटर 10 रुपए किलो है। आने वाले दिनों में टमाटर के दाम बढ़ सकते हैं। क्योंकि मंडी में इसकी आवक घटने लगी है। भिंडी, लौकी, बैगन और करेला के दाम बीते 15 दिनों में 50 फीसदी तक घटे हैं। ककड़ी, कटहल, शिमला मिर्च के दाम स्थिर रहेंगे। दरअसल गर्मी के कारण हरी सब्जियों की आवक करीब 20 से 30 फीसदी तक कम हो गई है और जिस तरह से आगे और गर्मी पड़ने की आशंका बताई जा रही है। उसमें आवक और घट सकती है।

आवक में कमी आने लगी

हरी सब्जियों की आवक में भी कमी आई है। इससे लौकी 20 रुपए प्रति किलो बिक रही है। इसके दाम 15 दिन पहले 12 रुपए प्रति किलो थे। भिंडी का दाम 20 रुपए प्रति किलो है। 20 दिन पहले 40 रुपए थे। करेला 40 रुपए से घटकर 30 रुपए प्रति किलो और बैंगन 10 रुपए प्रति किलो है।

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