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भीगा 50 हजार क्विंटल चना-मसूर वेयर हाउस में रखवाने के निर्देश

भास्कर संवाददाता| बेगमगंज/सिलवानी क्षेत्र में दो दिन से हाे रही बारिश से खरीदी केंद्रों पर रखा हजाराें क्विंटल...

Danik Bhaskar | Jun 03, 2018, 02:05 AM IST
भास्कर संवाददाता| बेगमगंज/सिलवानी

क्षेत्र में दो दिन से हाे रही बारिश से खरीदी केंद्रों पर रखा हजाराें क्विंटल चना और मसूर गीला हो गया है। सिलवानी, बेगमगंज व गैरतगंज में परिवहन के अभाव में सबसे ज्यादा नुकसान चना और मसूर को हुआ है। इन तीनों स्थानों पर खुले में रखा करीब 50 हजार क्विंटल चना और मसूर भीग गया है।

शुक्रवार की रात में करीब 15 मिनट हुई बारिश में खुले आसमान के नीचे रखा करीब 6 हजार क्विंटल से अधिक चना और मसूर भीग गया। तहसीलदार आरके सिंह ने परिहवन ठेकेदार को जमकर फटकार लगाते हुए चना और मसूर का परिवहन शीघ्र करने के लिए निर्देशित किया।

अनाज भीगते देख उन्होंने वेयर हाऊस में रखवाने के निर्देश केन्द्र प्रभारियों को दिए है। इतने जल्दी उक्त अनाज को सुरक्षित नहीं किया जा सकता। मंडी परिसर के खाली स्थानों जहां फर्श भी मिट्टी का है वहां पर अनाज के बोरे रखे हुए है। फर्श पर रखे बोरे तो धूप निकलने से सूख सकते है लेकिन मिट्टी पर रखे बोरे सूखने का नाम नहीं लेंगे, उन्हें पलटवाना ही एक उपाय है। वहीं दूसरे दिन शनिवार की शाम को करीब आधा घंटे हुई तेज बारिश ने चना मसूर को तरबतर कर दिया जिससे काफी नुकसान हो गया है।

यदि समय रहते चना मसूर को सुरक्षित स्थान पर नहीं रखवाया गया, तो और अधिक नुकसान हो सकता है। आसमान पर बादलों की आवाजाही लगी हुई है। तेज हवा के साथ आंधी भी चल जाती है। यदि तेज बारिश हुई तो काफी नुकसान हो सकता है।

उल्लेखनीय है कि परिवहन की गति धीमी होने के बारे में कई बार समाचार प्रकाशित किए लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों की समझ में नहीं आया, जिन्होंने परिवहन ठेकेदार को नहीं चेताया जिसका नतीजा यह निकला कि करीब 6 हजार क्विंटल से अधिक चना व मसूर गीला हो गया।

शनिवार की शाम को करीब आधा घंटे हुई बारिश से भीगी किसानों की उपज

शनिवार को क्षेत्र में हुई बारिश से खरीदी केंद्रों में रखा हजारों क्विंटल चना और मसूर भीग गया।

शुक्रवार को हुई बारिश के बाद प्रशासन ने नही लिया सबक

सिलवानी। शुक्रवार को हुई बारिश से खुले आसमान के नीचे रखा हजारों क्विंटल चना गीला हो गया था। शनिवार को फिर से बारिश होने से यह चना और मसूर खराब हो गया है। जानकारी के अनुसार समर्थन मूल्य पर किसानों से सहकारी समितियों के माध्यम से समर्थन मूल्य पर चना तथा मसूर क्रय किया गया था। जो कि खरीदी केंद्र पर ही खुले ही खुले आसमान के नीचे रखा हुआ है। लेकिन परिवहन की उचित व्यवस्था नही होने के कारण दो दिन से लगातार हो रही बारिश से हजारों क्विंटल चना तथा मसूर के बोरे गीले हो गए। बताया जा रहा है कि समर्थन मूल्य पर चना तथा मसूर पंजीकृत किसानों से क्रय किए जाने के लिए कृषि उपज मंडी परिसर में सिलवानी, चून्हेटिया व सियरमऊ समिति के नाम से खरीदी केंद्र बनाए गए है। जहां पर कि चना व मसूर का क्रय किया गया।

बारिश से भीगा चना व मसूर

कृषि उपज मंडी के खरीदी केंद्र पर परिवहन की माकूल व्यवस्था नही होने से हजारों क्विंटल चना तथा मसूर के भरे हुए बोरे खुले आसमान के नीचे रखे हुए है। शुक्रवार को हुई जोर दार बारिश से खुले आसमान तले रखे हजारों क्विंटल उपज के बोरे पानी लगने से गीले हो गए। लेकिन प्रशासन ने यहां पर भी सबक नही लिया। परिवहन व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया गया। शनिवार को शाम के समय तेज हवा के साथ जोरदार बारिश का दौर चला।

किसान ने लगाया आरोप

खैरी गावं से उपज बेचने आए किसान रामबाबू ने आरोप लगाया कि तीन दिन से वह उपज बेचने के लिए आया हुआ है, लेकिन उसकी उपज की तुलाई नही की जा रही है। हम्माल 10 रुपए बोरी तुलाई करने के मांग रहे है। समर्थन मूल्य पर चना व मसूर की खरीदी में अनियमितताएं बरते जाने के आरोप किसानों के द्वारा लगाए जाते रहें है।

उपज को परिवहन कराने की हो रही व्यवस्था