--Advertisement--

सफेद दूध के काले कारोबार पर नहीं है किसी की नजर

बीते कई समय से शहर में मिलावटी सामग्री का कारोबार खूब फल फूल रहा है। जिस और जिम्मेदार अधिकारियों का इस ओर कोई ध्यान...

Danik Bhaskar | Jul 02, 2018, 02:05 AM IST
बीते कई समय से शहर में मिलावटी सामग्री का कारोबार खूब फल फूल रहा है। जिस और जिम्मेदार अधिकारियों का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। जिसका फायदा अब दूध विक्रेता भी उठा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार विभागीय अनदेखी से लोगों को मिलावटी दूध बेचा जा रहा है। इधर जिम्मेदार अधिकारियों की जांच और सेंपल मात्र मिठाई की दुकानों तक ही सीमित होकर रह गए है।

गौरतलब है कि अल सुबह हर घर में दूध पहुंचता है, लोग उसे अपने उपयोग के साथ ही अच्छे पोषण के रूप में बच्चों को भी पिलाते है। लोगों को देखने में मात्र इस बात की भनक लगती है कि दूध पतला है। लेकिन सूत्रों की मानें तो इस समय मावा मिठाई से ज्यादा मिलावट दूध में की जा रही है। पानी, पावडर के अलावा डिटर्जेंट तक की मिलावट दूध में होने की बाते सामने आ रही है। जो झाग के रूप में दिखाई देने के साथ ही शरीर के लिए घातक है।

इधर औषधीय प्रशासन विभाग के जिम्मेदारों ने वर्षों से शहर सहित ग्रामीण क्षेत्र की दूध डेयरियों में या दूध विक्रय करने आने वालाें की कभी जांच नहीं की है। वे आते भी है तो मिष्ठान भंडारों, किराना दुकानों व पनीर आदि के सेंपल लेकर वापस हो जाते है। इसका फायदा उठाकर दूध डेयरी संचालक व दूध विक्रेता दूध में सिंथेटिक पावडर व डिटर्जेंट आदि की दूध में मिलावट कर अपने वारे-न्यारे कर रहे हैं।