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शिक्षक समाज का दर्पण होता है: देवकीनंदन

नगर के सरस्वती विद्या मंदिर विवेकानंदपुरम में आचार्य विकास वर्ग के तीसरे दिन क्षेत्रीय प्रशिक्षण प्रमुख...

Danik Bhaskar | Jun 08, 2018, 02:10 AM IST
नगर के सरस्वती विद्या मंदिर विवेकानंदपुरम में आचार्य विकास वर्ग के तीसरे दिन क्षेत्रीय प्रशिक्षण प्रमुख देवकीनंदन चौरसिया ने कहा कि किसी संस्था में कार्य करने के लिए प्रशिक्षण की आवश्यकता होती है। दुनिया के अंदर बिना प्रशिक्षण के कुछ भी संभव नहीं है। आज हमारे राज्य में 4 लाख 25हजार शिक्षक अप्रशिक्षित हंै। इन शिक्षकों को प्रशिक्षित करने के लिए डीएलएड एक रास्ता निकाला गया। अप्रैल 2019 के बाद कोई भी शिक्षक अप्रशिक्षित नहीं रहेगा। यदि कोई बिना डीएलएड का है तो वह गैर शिक्षक के रूप में रहेगा।

उन्होंने कहा कि सरस्वती विद्या मंदिर में शिक्षक को शिक्षक नहीं आचार्य कहा जाता है, क्योंकि आचार्य का अर्थ होता है आचरण से शिक्षा देना। आचार्य ही एक सच्चा देशभक्त नागरिक तैयार कर सकता है। प्रशिक्षण ही हमें जीवन में आगे बढ़ाता है शिक्षक समाज का दर्पण होता है। यदि एक शिक्षक विचलित होता है तो समाज की बहुत बड़ी हानि होती है। शिक्षक का लक्ष्य निश्चित होना चाहिए। शिशु मंदिर योजना का उद्देश्य मात्र पाठ्यक्रम पूर्ण करना ही नहीं है बल्कि जीवन के हर काम को करने का सही तरीका सिखाना है।