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नाप तौल में फर्जीवाड़ा रोकने विभाग बनवाएगा प्लेट

वजन मशीनों, बांट, तौल कांटों पर लगने वाली प्लेटें अब नापतौल विभाग ही तैयार कराएगा। इन पर मप्र शासन का लोगो भी रहेगा।...

Dainik Bhaskar

Apr 20, 2018, 02:15 AM IST
नाप तौल में फर्जीवाड़ा रोकने विभाग बनवाएगा प्लेट
वजन मशीनों, बांट, तौल कांटों पर लगने वाली प्लेटें अब नापतौल विभाग ही तैयार कराएगा। इन पर मप्र शासन का लोगो भी रहेगा। इसी से असली और नकली सील की पहचान होगी। सील का पूरा रिकार्ड ऑनलाइन सॉफ्टवेयर में मेंटेन होगा। इससे कभी भी दुकानदार के तौल कांटों, मशीन आदि की पूरी कुंडली सामने आ सकेगी।

वजन मशीनों आदि पर अब एक जैसी प्लेट और सील नजर आएगी। नापतौल विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। विभाग ऐसी प्लेटें बनवा रहा है जिन पर मशीन व कांटों का निर्माण वर्ष, कॉडल नंबर मेन्यूफेक्चर का नाम, अधिकतम और न्यूनतम क्षमता और कैटेगरी का ब्यौरा रहेगा। प्लेट के नीचे फोन नंबर भी रहेगा। जिस पर वेरीफिकेशन से जुड़ी शिकायत की जा सकेगी। नई प्लेटें अगस्त से चलन में आएंगी। मौजूदा व्यवस्था में नापतौल विभाग वजन मशीनों के केवल सत्यापन प्रमाण पत्र जारी करता है। प्लेट और उन पर सील लगाने का काम मशीन सुधारने वाले करते है। विभाग तक व्यापारियों से ऐसी जानकारी पहुंची है किसी में फर्जीवाड़ा हो रहा है।

पकड़ में नहीं आता फर्जीवाड़ा: पहले मशीनों तौल कांटों बांटों पर रांगे की प्लेट लगती थी। वह बाहर नहीं निकलती थी। फिर मशीन पर होल कर तार डालकर प्लेट लगाई जाने लगी। समय के साथ यह व्यवस्था भी बंद हो गई। अब मशीन सुधारने वाले खुद ही प्लेट बनाते हैं। और उन पर ऐसी सील लगाई जाती है कि फर्जीवाड़ा पकड़ में नहीं आता। इससे सरकारी राजस्व का नुकसान हो रहा है।

देनी होगी बिल की स्कैन कॉपी: मशीन या तौल कांटा सुधारने वाले फिलहाल जानकारी हाथ से टाइप करते हैं। इसमें फर्जीवाड़ा होता है। सॉफ्टवेयर पर मनमाफिक आंकड़े भरे जाते है इसीलिए अब विभाग बिलों की स्कैन कॉपी लेगा। यानी जो बिल व्यापारी को दिया गया है वहीं विभागीय रिकॉर्ड में जमा करना होगा।

सख्ती

नई प्लेटें अगस्त माह में आ जाएंगी चलन में, तौल में होने वाले फर्जीवाड़े पर लग सकेगा अंकुश

मशीन सुधारने वालों ने अपने नामों की ही प्लेट बनवा ली

मशीन सुधारने वालों ने अपने नाम की प्लेटें बना ली हैं। उन पर नकली सील लगाकर विभाग को राजस्व की चपल लगाई जा रही है। इसीलिए अब विभाग ने खुद की प्लेट बनाकर सील लगाने का फैसला किया है।

हो सकेगी स्टाफ की पुष्टि

अफसरों का कहना है कि प्लेट पर लिखे कार्यालय के फोन नंबर से व्यापारी यह पुष्टि कर पाएंगे कि मशीनों की जांच करने गए दल में सरकारी कर्मचारी- अफसर हैं या मशीन सुधारने वाले के लोग हैं। ऐसे मामले सामने आए हैं जिनमें मशीन सुधारने वालों ने व्यापारियों को डरा थमाकर उनसे मोटी रकम वसूल कर ली।

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