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झिरिया गांव में पेजयल समस्या हल नहीं हुई तो विस चुनाव में मतदान का बहिष्कार करेंगे क्षेत्र के ग्रामीण

नगर से करीब 25 किमी दूर ग्राम पंचायत खैरी में जंगल की झिरिया गांव में में पेयजल समस्या से ग्रामीण जूझ रहे हैं। गांव...

Danik Bhaskar | Jun 04, 2018, 02:15 AM IST
नगर से करीब 25 किमी दूर ग्राम पंचायत खैरी में जंगल की झिरिया गांव में में पेयजल समस्या से ग्रामीण जूझ रहे हैं। गांव के तीन नलों से पानी आना बंद हो जाने के कारण ग्रामीण कुएं के पानी का सहारा ले रहे हैं। पेयजल समस्या का निदान होने पर ग्रामीणों ने विधानसभा चुनाव में मतदान का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है।

करीब 700 की जनसंख्या वाला यह ग्राम शुरू से ही सुर्खियों में रहा है। पहले यहां बिजली की समस्या थी जो इसी साल खत्म हुई है। राजीव गांधी विद्युत्तीकरण योजना में यहां फरवरी माह में गांव में बिजली पहुंच सकी। जंगल के बीचो बीच होने के कारण विकास कार्यों में गांव पहुंचे पीछे रह गया। अब यहां पानी के लिए परेशान हो रहा है। गांव में तीन शासकीय नलों का पानी नीचे उतर जाने से नलों से पानी देना बंद कर दिया, लेकिन उसमें पाइप लाइन नहीं बढ़ाई गई। गांव का एक मात्र कुआं जिसका मटमैला पानी पीने ग्रामीण मजबूर हैं। कुएं पर जबरदस्त भीड़ रहती है। पानी समाप्त हो जाने के बाद कुछ देर ग्रामीणों को इंतजार करना पड़ता है कि झिरों से पानी एकत्रित हो जाए इसी कशमकश में पूरा दिन ही पानी भरने में निकल जाता है।

ग्रामीण लखनसिंह पार्वती बाई, अवंतिका बाई, सुखदेव लोधी, जगन्नाथ प्रसाद, महेश कुमार, फूल सिंह, रेवती बाई, नारायण सिंह, मलखानसिंह, प्रताप सिंह, गौरीशंकर, सहित अन्य का कहना है कि पूरा गांव पानी के लिए परेशान हैं। देश की विदेश मंत्री व लोक निर्माण मंत्री का क्षेत्र होने के बावजूद पेयजल समस्या का निदान नहीं हो पा रहा है। हम लोग इतने अधिक परेशान हो चुके है कि मूलभूत समस्‍याओं के समाधान के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। इसलिए पूरे ग्राम ने तय किया है कि यदि जल समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आगामी विधानसभा में मतदान का बहिष्कार किया जाएगा। इस संबंध में एसडीओपीएचई पंजाबराव टाटस्कर का कहना है कि झिरिया गांव में जो दो नल हाड़ी पर हैं वे गर्मियांे में पानी नहीं देते लेकिन स्कूल के पास जो नल है उसमें पाइप लाइन बढ़ा दी गई है। जो बारह माह पानी देता है एवं एक कुआं है जिसकी सफाई भी करवा दी है जो ग्रामीणों की प्यास बुझा रहा है। पीएचई की टीम पूरे क्षेत्र में बंद होने वाले नलों की जांच कर उन्हें सुधारने का काम कर रही है।