Hindi News »Madhya Pradesh »Begumganj» सड़कों पर झूलते तारों से कई बार हो चुके हैं हादसे फिर भी नहीं हुआ सुधार

सड़कों पर झूलते तारों से कई बार हो चुके हैं हादसे फिर भी नहीं हुआ सुधार

घर की छतों पर झूलते बिजली के तार खतरे का सबब बने हुए हैं। नगर में पिछले कुछ सालों में हुए निमार्ण की वजह से यह हालात...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 28, 2018, 02:15 AM IST

सड़कों पर झूलते तारों से कई बार हो चुके हैं हादसे फिर भी नहीं हुआ सुधार
घर की छतों पर झूलते बिजली के तार खतरे का सबब बने हुए हैं। नगर में पिछले कुछ सालों में हुए निमार्ण की वजह से यह हालात बन आए हैं। जबकि कंपनी को कुछ प्रबुद्ध नागरिकों द्वारा गत वर्ष आवेदन देकर इस संबंध में चेताया गया था।

अनधिकृत तरीके से हुए भवन निमार्ण में छत और बिजली के तार की दूरी नियमानुसार बहुत कम है। ऐसे में खतरा होना लाजमी है। बिजली तार शिफ्ट कराने की पहल स्वयं भवन मालिक को भी करना चाहिए अगर न करें तो कंपनी इन्हें नोटिस देकर बाध्य करें। ऐसा नहीं होने पर अनधिकृत निमार्ण तोड़े जा सकते हैं। ऐसे अनधिकृत मकानों के निमार्ण के लिए नगर पालिका परिषद भवन निमार्ण की अनुमति देते समय स्थल निरीक्षण करना चाहिए। यदि निर्माण स्थल के ऊपर या समाने लगकर बिजली तार हैं तो बिजली विभाग से तारों के शिफ्ट कराने के बाद एनओसी लेकर ही अनुमति दी जानी चाहिए।इसके अतिरिक्त सड़कों के नवीन निर्माण से पहले सड़क पर हर कहीं लगे बिजली के खंभों को यथा स्थान शिफ्ट कराएं ताकि मकानों से सटकर निकले तार दूर हो सके। बिजली के तार नियमानुसार निर्धारित दूरी रखने पर ही भवन निमार्ण की स्वीकृति हो।

हो चुके हैं कई हादसे : तीन वर्ष पूर्व भोपाल रोड पर कृषि मंडी के सामने मकान निर्माण में लगा मजदूर तराई करते समय हाई वोल्टेज लाइन की चपेट में आ चुका है । वहीं टीचर कालोनी में एक युवक मोबाइल पर बात करते समय काल के गाल में समा चुका है। छः वर्ष पूर्व दशहरा समारोह देखने छतों पर चढ़ी भीड़ में एक बालक बिजली तारों के करंट की चपेट में आकर गंभीर घायल हुआ था। इसके अतिरिक्त एक्सचेंज रोड पर सड़क पर से निकले हाई वोल्टेज लाइन के लटकते तारों से ट्रक पर तिरपाल डाल रहे क्लीनर करंट लगने से गंभीर घायल हो चुके हैं।

सब निर्धारित पर नहीं हो रहा पालन : जबकि समानांतर स्थिति में लाइन की दूरी उच्च वोल्टेज 11 हजार वोल्टेज तक 1.2 मीटर एवं उच्च वोल्टेज 11 हजार से अधिक पर 33 हजार तक 2.0 मीटर निर्धारित है। इसी तरह मीटर अति उच्च वोल्टेज पर 0.30 मीटर है। लेकि न उक्त नियमों का पालन न तो मकान मालिक अनभिज्ञता के कारण करते हंै और न ही बिजली कंपनी के कर्ता-धर्ता कर रहे हैं।

जगह-जगह झूल रहे बिजली के तार।

मध्यम वाल्टेज लाइन की ऊंचाई 5.8 मी. होनी चाहिए

ओवरहेड लाइन का तार या सर्विस लाइन यदि रोड क्रास करे तो निम्न व मध्यम वोल्टेज लाइन की ऊंचाई 5.8 मीटर एवं उच्च वोल्टेज लाइन की ऊंचाई 6.1 मीटर रहेगी। ओवरहेड लाइन के साथ साथ चल रही होने पर लाइन का तार या सर्विस लाइन की स्थिति में निम्न व मध्यम वोल्टेज लाइन की ऊंचाई 5.5 मीटर व उच्च वोल्टेज लाइन की ऊंचाई 5.8 मीटर रहेगी। भवनों से लंबाई में सुरक्षित दूरी में उच्च वोल्टेज लाइन 33000 वोल्टेज तक 3.7 मीटर प्रत्येक 33000 के अतिरिक्त वोल्टेज पर 0.30 मीटर निर्धारित है।

दूर नहीं की हाईवोल्टेज लाइन

टीचर कालोनी निवासी अर्पित मिश्रा का कहना है कि मकान और तारों के बीच की दूरी कम होने से करंट का खतरा बना रहता है हमारे पड़ोस में एक व्यक्ति इसी तरह करंट लगने से खत्म हो चुका है कई बार प्रयास किए गए। लेकिन आज तक हाई वोल्टेज लाइन यहां से अलग नहीं की गई जबकि कई स्थानों पर केबल डाल दी गई है लेकिन टीचर कालोनी,फर्सी रोड पर केबल नहीं डाली गई है।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Begumganj

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×