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बस संचालकों ने बसों में नहीं लगाए वीडियो कैमरे व स्पीड गवर्नर

निजी स्कूल संचालकों ने इस साल के लिए बस मालिकों से अनुबंध तो कर लिया, लेकिन उन्होंने बसों में यह देखने की जरूरत नहीं...

Danik Bhaskar | Apr 13, 2018, 02:15 AM IST
निजी स्कूल संचालकों ने इस साल के लिए बस मालिकों से अनुबंध तो कर लिया, लेकिन उन्होंने बसों में यह देखने की जरूरत नहीं समझी कि बच्चों की सुविधा के लिए बस मालिकों ने बसों में वीडियो कैमरे व स्पीड गवर्नर लगाए हैं या नहीं। कारण यह भी है जिन स्कूलों के पास स्वयं की बसें हैं उनमें उन्होंने भी उक्त व्यवस्थाएं नहीं की हैं तो प्राइवेट बसों की जांच क्यों करें।

1 अप्रैल से नवीन शिक्षा सत्र शुरू हो गया। शहरी क्षेत्र में करीब एक दर्जन छोटी बड़ी बसों में उक्त मशीनें नहीं लगाई हैं। बसों में बच्चों के साथ यदि कोई अप्रिय घटना होती है तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी। स्कूल बस मालिक या निजी स्कूल संचालक की। स्कूल बसों का किराया निर्धारण और वीडियो कैमरे और स्पीड गवर्नर लगाने की कवायद लंबे समय से चल रही है। तहसील में चलने वाली शत प्रतिशत बसों में ये उपकरण नहीं लगाए गए हैं।वीडियो कैमरे और स्पीड गवर्नर लगाने की व्यवस्था कोर्ट ने की है ताकि घर से स्कूल आते जाते समय छात्राओं के साथ होने वाली गतिविधियों की निगरानी की जा सके। शहरी क्षेत्र में स्कूल बस की स्पीड 20 किमी प्रति घंटे से अधिक न हो। परिवहन विभाग की ढील से स्कूल बस संचालकों ने दोनों उपकरण वाहनों में नहीं लगवाए। स्कूल बस संचालकों का कहना है कि सरकार पहले किराया बढ़ाए उसके बाद सुरक्षा इंतजाम करने की बात करे।

शिकायतें करें, कार्रवाई की जाएगी

जिला परिवहन अधिकारी रीतेश तिवारी का कहना है कि स्कूल बसों में आवश्यक उपकरण लगाने के लिए समय समय पर बस संचालकों को सर्कुलर जारी किए गए हैं। अधिकांश वाहनों में ये उपकरण लगाए गए हैं। सुरक्षा की जिम्मेदारी अभिभावकों की भी है। यदि ऐसा नहीं हो रहा है तो वह शिकायत करें कार्रवाई जरूर की जाएगी।