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30 हजार हेक्टेयर में होगी सोयाबीन की बोवनी

खरीफ सीजन के लिए कृषि विभाग ने बोवनी का लक्ष्य तय कर लिया है। गांव बंदी के बीच किसानों ने खेतों को तैयार कर लिया है।...

Danik Bhaskar | Jun 10, 2018, 03:10 AM IST
खरीफ सीजन के लिए कृषि विभाग ने बोवनी का लक्ष्य तय कर लिया है। गांव बंदी के बीच किसानों ने खेतों को तैयार कर लिया है। अब केवल मानसून का इंतजार है। विभाग ने बीते साल की तुलना में इस बार सोयाबीन का रकबा पिछले साल की तरह है, लेकिन किसानों को समितियों से अब अनुदान वाला सस्ता बीज नहीं मिल रहा है। बाजार में बीज दोगुने भाव में मिल रहा है। ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों की हड़ताल के चलते किसानों को सही जानकारी नहीं मिल पा रही है वहीं सोसायटी प्रबंधक कह रहे है कि अभी बीज आया नहीं है।

बीते 3-4 साल से सोयाबीन किसानों के लिए घाटे की फसल साबित हो रही थी। इससे तंग आ चुके किसानों ने गत वर्ष सोयाबीन का रकबा कुछ कम कर दिया। उनका रुझान पहली बार उड़द की ओर बढ़ा। लेकिन उड़द भी दगा दे गई। इस कारण इस बार फिर किसान सोयाबीन की बोवनी की तैयारी में हैं। लेकिन शुरुआत में ही बीज का संकट सामने आ रहा है। इस साल तहसील में करीब 30 हजार हेक्टेयर में सोयाबीन की बोवनी का लक्ष्य है।

शुरूआत से ही नुकसान : किसानों का कहना है कि अभी तो बोवनी शुरू ही नहीं हुई। इससे पहले ही किसानों को चपत लगना शुरू हो गया है। जो किसान प्राइवेट तौर पर बीज खरीद रहे हैं, उन्हें यह दोगुनी कीमत में लेना पड़ रहा है। समिति या ब्लाक आफिस से यह 50 प्रतिशत राशि में ही मिल जाता है। वहीं शेष 50 प्रतिशत की राशि अनुदान के रुप में वापस उसके खाते में मिल जाती है।

समितियों के पास नहीं पहुंचा बीज : किसानों को समिति और विकासखंड स्तर पर अनुदान पर और सस्ती दरों पर सोयाबीन का बीज उपलब्ध कराने का प्रावधान है। विभाग सोयाबीन बीज की डिमांड वरिष्ठ कार्यालय को भेज दी है। लेकिन समितियों के पास अभी तक बीज नहीं पहुंचा है। यही कारण है कि अभी तक किसी भी समिति से किसानों को बीज वितरण शुरू नहीं हुआ है। किसान बोवनी के लिए खेत तैयार कर चुके हैं। बाद में बीज की किल्लत से बचने के लिए किसान खुले बाजार से 6000 रुपए क्विंटल की दर से बीज खरीद रहे हैं। हल्की क्वालिटी का बीज 5000 से 5800 रुपए क्विंटल में भी बिक रहा है।

क्षेत्र में बोवनी कार्य प्रारंभ हो गया है।

किसानों को परेशानी नहीं आएगी