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महाविद्यालय नहीं होने से फिर छूटेगी दर्जनाें छात्राओं की पढ़ाई

भास्कर संवाददाता|सुल्तानगंज/बेगमगंज सुल्तानगंज टप्पा में सरकारी महाविद्यालय नहीं होने से प्रत्येक वर्ष...

Danik Bhaskar | May 19, 2018, 03:15 AM IST
भास्कर संवाददाता|सुल्तानगंज/बेगमगंज

सुल्तानगंज टप्पा में सरकारी महाविद्यालय नहीं होने से प्रत्येक वर्ष दर्जनों छात्राएं आगे की पढ़ाई नहीं कर पाती है। इस बार भी दसवीं बारहवीं के रिजल्ट घोषित हो चुके है जिसमें छात्राआें ने बाजी मारी है, लेकिन कक्षा 12 के बाद वे बेगमगंज, सिलवानी या सागर जाकर पढ़ाई नहीं कर सकती क्योंकि परिजनों की इतनी क्षमता नहीं है कि वे बाहर रखकर अपनी बेटियाें का खर्चा उठा सकें। इसलिए करीब 100 छात्राएं बीच में ही पढ़ाई छोड़कर अपने घर गृहस्थी के काम में मां का हाथ बटाएंगी। ऐसा नहीं है कि जन प्रतिनिधियों ने महाविद्यालय के आश्वासन न दिए हो, लेकिन उनके आश्वासन आज तक जमीन पर नहीं उतर सके है। क्षेत्र के लोगों ने कई बार सुल्तानगंज में शासकीय महाविद्यालय के लिए मांग उठाई सामूहिक रूप से ज्ञापन दिए लेकिन आज तक उनकी उक्त मांग सिर्फ कागजों में सिमट कर रह गई है।

क्या कहती हैं छात्राएं

कक्षा 12वीं पास करने वाली आदिवासी छात्रा गोमती बाई, सीमांत कृषक परिवार की बेटी अवंतिका लोधी, सुषमा कोरी ने बताया कि उन्होंने कक्षा 12 अच्छे अंकों से पास की है लेकिन आगे पढ़ाई के लिए परिजनों के पास आर्थिक रूप से व्यवस्था नहीं होने और अकेले बाहर नहीं छोड़ने के कारण वे बीच में ही पढ़ाई छोड़ने के लिए मजबूर है। इससे पहले उनके परिजनों की अन्य छात्राएं भी इसी तरह बीच में पढ़ाई छोड़ चुकी है। छात्राओं का कहना है कि सांसद सुषमा स्वराज को चाहिए कि वे उनके लिए सुल्तानगंज में शासकीय महाविद्यालय स्वीकृत कराएं उनका एक इशारा काफी है यदि काॅलेज खुलता है तो वे उच्च शिक्षा हासिल कर सकेंगी।

सांसद को भेजा है पत्र

क्षेत्र के जन प्रतिनिधि ऊषा महेन्द्र सिंह चौहान, नरेन्द्र सिंह यादव, सौरभ यादव, वैजनाथ यादव, नत्थूसिंह, कंछेदीलाल शर्मा, राजेश सेन, गंधर्व सिंह, मिहीलाल, भरत सिंह सहित कई लोगो ने सांसद सुषमा स्वराज को पत्र भेजकर सुल्तानगंज में इसी सत्र से सरकारी महाविद्यालय शुरू कराने की मांग की है।