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पेट्रोल पंपों पर अब तक नहीं खोले गए पीयूसी सेंटर

पेट्रोल व डीजल पंपों पर प्रदूषण नियंत्रण केंद्र खोलने को लेकर पंप संचालकों की मनमानी जारी है। सुप्रीम कोर्ट के...

Danik Bhaskar | Jun 23, 2018, 03:20 AM IST
पेट्रोल व डीजल पंपों पर प्रदूषण नियंत्रण केंद्र खोलने को लेकर पंप संचालकों की मनमानी जारी है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर डेढ़ माह पहले कलेक्टर ने जिले के सभी पेट्रोल व डीजल पंप संचालकों को 7 दिन के भीतर परिसर में प्रदूषण नियंत्रण केंद्र (पीयूसी) खोलने के निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक बेगमगंज तहसील के किसी भी पेट्रोल डीजल पंप संचालक ने इस आदेश का पालन नहीं किया है।

हैरानी की बात तो यह है कि पेट्रोल पंप संचालकों की इस मनमानी और आदेश का अवहेलना पर अब तक जिला प्रशासन के अफसर मौन हैं। इतना ही नहीं अब अफसर संचालकों पर कार्रवाई करने की जगह उन्हीं से समय सीमा मांग रहे हैं।

10 मई को जारी हुए थे निर्देश, सात दिन के भीतर करना था आवेदन : सभी पेट्रोल व डीजल पंप संचालकों को परिसर में प्रदूषण नियंत्रण केंद्र (पीयूसी) खोलने को लेकर कलेक्टर भावना बलिवन ने 10 मई को निर्देश जारी किए थे। उन्होंने निर्देश में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लेख करते हुए पंप संचालकों को पीयूसी केंद्र के लिए सात दिन के भीतर परिवहन अधिकारी के कार्यालय में आवेदन करने और फिर प्रदूषण नियंत्रण केंद्र स्थापित करने के लिए जरूरी औपचारिकताओं को पूरा करने को भी कहा था।

शहर में वाहनों की संख्या के साथ सामान्य से 40 फीसदी तक बढ़ गया वायु प्रदूषण : तहसील में वाहनों की कुल संख्या करीब 10 हजार है। वहीं हर साल करीब 1 हजार नए वाहन बढ़ रहे हैं। वाहनों की संख्या बढ़ने का सीधा असर शहर की हवा पर पढ़ रहा है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों पर नजर डाले तो पिछले पांच सालों में वायु प्रदूषण में 40 फीसदी तक का इजाफा हुआ है। जो कि सामान्य से बहुत अधिक है। ऐसे में यदि समय रहते वाहनों से निकलने वाले धुएं को नियंत्रित नहीं किया गया तो बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है।

मनमानी

कलेक्टर ने डेढ़ माह पहले दिए थे निर्देश, पंप संचालकों को 7 दिन में करना था अमल पर नहीं दिया ध्यान

ये हंै पीयूसी केंद्र न खोलने का कारण

आदेश के बाद पेट्रोल पंप संचालक एसोसिएशन ने जिला आपूर्ति विभाग के अफसरों से मिलकर पीयूसी केंद्र के नियमों में फेरबदल करने की इच्छा जताई थी। एसोसिएशन का कहना था कि कई पेट्रोल पंप पास पास खुले हुए हैं। ऐसे में दोनों में से किसी एक पेट्रोल पंप पर केंद्र खुलवाया जाए। वहीं पीयूसी सर्टिफिकेट के प्रति जागरूकता कम होने के कारण संचालकों ने नुकसान होने की आशंका भी व्यक्त की थी, लेकिन अफसरों ने आदेश में फेरबदल न करने की बात कही। जिसके बाद से अब सभी संचालक आदेश को मानने के लिए टालमटोली कर रहे हैं।

नोटिस देने कार्रवाई की जाएगी