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स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की कमी

गर्मियों आते ही अस्पताल में मरीजों की संख्या दोगुनी हो गई है। ऐसे में मरीजों को डॉक्टरों व स्टाफ की कमी के कारण समय...

Dainik Bhaskar

May 14, 2018, 04:20 AM IST
स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की कमी
गर्मियों आते ही अस्पताल में मरीजों की संख्या दोगुनी हो गई है। ऐसे में मरीजों को डॉक्टरों व स्टाफ की कमी के कारण समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीण क्षेत्र से प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में मरीज अस्पताल पहुंचते हैं, लेकिन यहां डॉक्टरों की कमी के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है। गर्मी को देखते हुए अस्पताल में जो सुविधाएं होना चाहिए वह भी मरीजों को नहीं मिल पा रही हैं।

जिले की सबसे बड़ी तहसील होने से नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र को सिविल अस्पताल का दर्जा दे दिया। लेकिन यहां सुविधाओं के नाम पर अस्पताल में डॉक्टर तक नहीं हैं। अस्पताल में 21 पद डाक्टर्स के स्वीकृत हैं। पर 5 डाॅक्टर ही पदस्थ हैं। वहीं महिला चिकित्सक का भी अभाव है। डाॅक्टर्स की कमी के कारण मरीजों को सागर भोपाल या जिला चिकित्सालय रेफर किया जाता है। सिविल अस्पताल में डाॅक्टर्स के 21 पद स्वीकृत हैं। जिसमें विभिन्न रोगों के विशेषज्ञ भी होना चाहिए। लेकिन मात्र 5 डाॅक्टर्स पदस्थ हैं। बीएमओ डा.सामेन दास नेत्र रोग विशेषज्ञ हैं। बच्चों के विशेषज्ञों में डाॅ. एसबी कुलकर्णी, हड्डी रोग विशेष डाॅ.नीलेश चौरसिया एवं डाॅ.रमेश बलैया व डाॅक्टर गुर्जर हैं। महिला चिकित्सक आरती श्रीवास्तव करीब चार माह से नहीं हैं और उनके आने की भी कोई उम्मीद नहीं है।

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