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सात दिवसीय आचार्य अभ्यास वर्ग का हुआ शुभारंभ

नगर के सरस्वती विद्या मंदिर में नवीन आचार्य दीदियों का अभ्यास वर्ग प्रारंभ हुआ। जिसमें सर्वप्रथम अतिथियों ने मां...

Danik Bhaskar | Jun 06, 2018, 05:10 AM IST
नगर के सरस्वती विद्या मंदिर में नवीन आचार्य दीदियों का अभ्यास वर्ग प्रारंभ हुआ। जिसमें सर्वप्रथम अतिथियों ने मां भगवती की दीप जलाकर तिलक कुमकुम लगाकर पूजन अर्चना की। इसके बाद सरस्वती वंदना हुई। भोपाल विभाग से 3 जिले विदिशा रायसेन और भोपाल के विद्यालय से आए हुए आचार्य दीदियों का वंदन किया गया। इसके बाद भोपाल विभाग के विभाग समन्वयक अवधेश त्यागी ने अपने उद्बोधन में शिशु मंदिर योजना एक परिचय से सभी को अवगत कराया और विद्या भारती की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हमारा देश 1947 में आजाद होने के पश्चात 1952 में उत्तर प्रदेश के गोरखपुर नगर में प्रथम सरस्वती शिशु मंदिर की नींव रखी गई। इन चार पांच वर्षों में यह चिंतन किया गया कि हमारी शिक्षा प्रणाली को मैकाले शिक्षा प्रणाली से किस प्रकार पृथक किया जाए। महाकौशल मध्य भारत एवं मालवा और सभी आचार्य दीदियों से कहा कि सभी मन लगाकर सीखे। वर्ग में आए हैं तो जितना हम जानते हैं उतना और जान जाएं वही वर्ग है और अपने अपने विद्यालय में जाकर अपने भैया बहनों को अच्छी शिक्षा दें।