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आंधी के साथ बूंदाबांदी होने के बाद भी खरीदी केंद्रों पर खुले में पड़ा है अनाज

समर्थन मूल्य गेहूं खरीदी केंद्रों पर हजारों क्विंटल गेहूं खुले में पड़ा है। विगत कुछ दिनों से आसमान पर काली...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 12, 2018, 05:15 AM IST

आंधी के साथ बूंदाबांदी होने के बाद भी खरीदी केंद्रों पर खुले में पड़ा है अनाज
समर्थन मूल्य गेहूं खरीदी केंद्रों पर हजारों क्विंटल गेहूं खुले में पड़ा है। विगत कुछ दिनों से आसमान पर काली घटनाएं भी छाई हुईं है। सोमवार से आंधी, तूफान और बूंदा-बांदी हो रही है। जबकि कुछ ग्रामों में मंगलवार को बारिश होने की जानकारी मिली है। जबकि देखा जाए तो इस वर्ष विगत वर्ष की अपेक्षा गेहूं की अधिक पैदावार हुई है।

तहसील में लगभग पांच खरीदी केंद्रों में गेहूं की खरीदी चल रही है। इन केंद्रों में विगत वर्ष की अपेक्षा अधिक खरीदी बताई जा रही है। केंद्र पर पड़े गेहूं के भंडारण के लिए परिवहन की धीमी गति होने के केंद्र प्रभारी सहित किसान परेशान हैं। परिवहन करने वाले ठेकेदार द्वारा गेहूं का परिवहन कछुआ गति से किया जा रहा है।

विगत कुछ वर्षों की अपेक्षा इस वर्ष गेहूं की अच्छी पैदावार हुई है। विगत वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष खरीदी केंद्र सुमेर में 15207 क्विटंल की खरीदी हुई है। वहीं अब तक 9880 क्विंटल का परिवहन हुआ है। खरीदी केंद्र पांडाझिर पर 11384 क्विंटल की खरीदी हुई है, जबकि 9180 हजार क्विंटल का परिवहन हुआ है। सुनहेरा खरीदी केंद्र पर 7180 क्विंटल गेहूं की खरीदी हुई है, जबकि 4160 क्विंटल का परिवहन हुआ है। सुल्तानगंज खरीदी केंद्र पर 3800 क्विंटल गेहूं की खरीदी हुई है। जबकि परिवहन 2600 क्विंटल का हुआ है। इसी तरह बेगमगंज एलएसएस खरीदी केंद्र पर 12309 क्विंटल की खरीदी हुई है। जबकि परिवहन 10607 क्विंटल का हुआ है।

सुविधाएं नहीं होने से कई केंद्रों पर तो किसान खुले आसमान के नीचे खड़े होने को हैं मजबूर

कुछ दिनों से आसमान पर काली घटनाएं छाए रहने से किसानों में चिंता

खरीदी केंद्रों पर इस तरह खुले में पड़ा हुआ है हजारों क्विंटल गेहूं।

केंद्रों पर अव्यवस्थाओं के कारण किसान परेशान

खरीदी केंद्रों पर किसानों के लिए जिस हिसाब से व्यवस्था होना चाहिए उस हिसाब से केन्द्र पर व्यवस्था नहीं है। कई केंद्रों पर किसान खुले आसमान के नीचे खड़े होने को मजबूर हैं। तो कही ठंडे पानी की व्यवस्था नहीं है। वहीं तुलाई में भी अव्यवस्थाएं देखने को मिल रही है।

पहचान के लिए शासन ने लागू किया नया नियम, लगाई पर्चियां

मप्र स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन द्वारा इस वर्ष एक नया नियम लागू किया गया है। जिसमें सभी उपार्जन केंद्र वालों को निर्देशित किया गया है कि उपार्जन के समय, बारदाने पर एक प्रिंटेड पर्ची चस्पा करें, जिसमें एजेंट का नाम, उपार्जन केंद्र का नाम, उपार्जन केंद्र का कोड, खरीदी वर्ष, उपार्जन की किस्म और औसत, शुद्ध वजन व किसान का नाम आदि प्रदर्शित करें।

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