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सिंगल गर्ल्स चाइल्ड योजना ः एक बच्ची होने पर निशुल्क मिलनी है शिक्षा

सीबीएसई ने घोषणा की थी कि परिवार में एक बच्ची है तो उसकी शिक्षा निशुल्क और दो बच्चियां हैं तो उसमें से एक की शिक्षा...

Danik Bhaskar | Apr 12, 2018, 05:15 AM IST
सीबीएसई ने घोषणा की थी कि परिवार में एक बच्ची है तो उसकी शिक्षा निशुल्क और दो बच्चियां हैं तो उसमें से एक की शिक्षा निशुल्क और दूसरे की सिर्फ 50 फीसदी शुल्क ली जा सकेगी। इसी को आधार बनाकर सिंगल गर्ल चाइल्ड वाले अभिभावक अपनी बेटी के एडमिशन के लिए स्कूल तो पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें दाखिला नहीं दिया जा रहा है। लेकिन सरकार की इस योजना को कुछ प्राइवेट स्कूल मानने से साफ इंकार कर रहे हैं।

एडमिशन के लिए पहुंचे अभिभावक संगीता दुबे, मनीष लोधी आदि ने बताया कि स्कूल वाले कहते हैं कि अभी इस संबंध में सर्कुलर ही जारी नहीं हुआ है। इसी के चलते सिंगल गर्ल्स चाइल्ड योजना लागू होने के बाद भी प्राइवेट स्कूलों में इस योजना को लागू नहीं करने के संदर्भ में स्कूल संचालक बहानेबाजी कर रहे हैं। ऐसी हालत में सबसे ज्यादा परेशानी उन्हें हो रही है जिन्हें इन योजना का लाभ मिलना था। नगर में एक सीबीएसई स्कूल संचालित है तो कुछ सीबीएससी पैटर्न पर पढ़ाई करा रहे है। जिनमें लगभग तीन हजार बच्चे अध्ययनरत हैं।

एक बेटा और एक बेटी है तो नहीं मिलेगा लाभ : अगर किसी अभिभावक के एक बेटा और बेटी है तो उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिल पाएगा। ऐसे अभिभावकों को योजना से बाहर रखा गया है। निशुल्क शिक्षा के नियम में एक बेटी या दो बेटी होना अनिवार्य है। योजना के तहत पात्र लोगों को इसका लाभ लेने के लिए निर्धारित मापदंडों के तहत प्रमाण पत्र के साथ आवेदन करना होगा।

2008 में केंद्र सरकार ने किया था लागू : केंद्र सरकार ने इस योजना को 2008 में ही लागू कर दिया था। देश के दूसरे हिस्से में चलने वाली सीबीएसई पैटर्न के स्कूलों में यह योजना अनिवार्य थी।