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बिजली के तारों से हादसों के बाद भी नहीं किया सुधार

Begumganj News - घर की छतों पर झूलते बिजली के तार खतरे का सबब बने हुए हैं। नगर में पिछले कुछ सालों में हुए निमार्ण की वजह से यह हालात...

Dainik Bhaskar

May 04, 2018, 05:20 AM IST
बिजली के तारों से हादसों के बाद भी नहीं किया सुधार
घर की छतों पर झूलते बिजली के तार खतरे का सबब बने हुए हैं। नगर में पिछले कुछ सालों में हुए निमार्ण की वजह से यह हालात बन आए हैं।

अनाधिकृत तरीके से हुए भवन निमार्ण में छत और बिजली के तार की दूरी नियमानुसार बहुत कम है। ऐसे में खतरा होना लाजमी है। तीन वर्ष पूर्व भोपाल रोड पर कृषि मंडी के सामने मकान निर्माण में लगा मजदूर तराई करते समय हाई वोल्टेज लाइन की चपेट में आ चुका है। वहीं टीचर कॉलोनी में एक युवक मोबाइल पर बात करते समय काल के गाल में समा चुका है। छः वर्ष पूर्व दशहरा समारोह देखने छतों पर चढ़ी भीड़ में एक बालक बिजली तारों के करंट की चपेट में आकर गंभीर घायल हुआ था। इसके अतिरिक्त एक्सचेंज रोड पर सड़क पर से निकले हाई वोल्टेज लाइन के लटकते तारों से ट्रक पर तिरपाल डाल रहे क्लीनर करंट लगने से गंभीर घायल हो चुके हैं। करीब छः माह पहले गैस सिलेंडर की गाड़ी के ऊपर काम कर रहे क्लीनर को गंभीर करंट लगने पर रायसेन रेफर किया गया था। जबकि नियमानुसार ओवरहेड लाइन का तार या सर्विस लाइन यदि रोड क्रास करे तो निम्न व मध्यम वोल्टेज लाइन की ऊंचाई 5.8 मीटर एवं उच्च वोल्टेज लाइन की ऊंचाई 6.1 मीटर रहेगी। ओवरहेड लाइन के साथ साथ चल रही होने पर लाइन का तार या सर्विस लाइन की स्थिति में निम्न व मध्यम वोल्टेज लाइन की ऊंचाई 5.5 मीटर व उच्च वोल्टेज लाइन की ऊंचाई 5.8 मीटर रहेगी। भवनों से लंबाई में सुरक्षित दूरी में उच्च वोल्टेज लाइन 33000 वोल्टेज तक 3.7 मीटर प्रत्येक 33 हजार के अतिरिक्त वोल्टेज पर 0.30 मीटर निर्धारित है। लेकिन इन मापदंडों के तहत सुधार नहीं किया जा रहा है।

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बिजली के तारों से हादसों के बाद भी नहीं किया सुधार
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