Hindi News »Madhya Pradesh »Betul» बोर खनन शुरू: 200 फीट तक केवल सूखी मिट्‌टी निकल

बोर खनन शुरू: 200 फीट तक केवल सूखी मिट्‌टी निकल

बोर खनन शुरू: 200 फीट तक केवल सूखी मिट्‌टी निकल रही, पानी निकालने 550 फीट तक खोदना पड़ रहा बैतूल| शहर के 33 वार्डो में...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 02, 2018, 02:10 AM IST

बोर खनन शुरू: 200 फीट तक केवल सूखी मिट्‌टी निकल रही, पानी निकालने 550 फीट तक खोदना पड़ रहा

बैतूल|
शहर के 33 वार्डो में बोर खनन का काम रजिस्ट्रीविटि सर्वे करवाकर शुरू कर दिया गया है। 7 बोर के लिए खनन कर दिए गए हैं। खनन मशीनों की ड्रिलिंग से यह बात सामने आई है कि भूजलस्तर तेजी से नीचे गिर रहा है। 200 फीट तक सूखी मिट्‌टी ही मिल रही है। 350 फीट पर पानी निकल रहा है। जिले का औसत भूजलस्तर 28 मीटर नीचे पहुंच गया है। पिछले साल अप्रैल में भूजलस्तर 26 मीटर था। इस साल यह 28 मीटर हो चुका है। इस तरह 2 मीटर की गिरावट दर्ज की गई है। जवाहर वार्ड, गणेश वार्ड, महावीर वार्ड, विनोबा वार्ड, शंकर नगर, विवेकानंद वार्ड और टैगोर वार्ड में बोर खनन किए गए हैं। हर वार्ड में 300 फीट के बाद ही पानी निकला। जल आपूर्ति के लिए 550 फीट तक गहरे खनन करवाना पड़ रहे हैं। जल स्तर बढ़ाने अब लोगों को रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने, पेड़ लगाने और सोकपिट बनाने प्रति जागरुक किया जा रहा है।

प्राइवेट बोर खनन पर प्रतिबंध: ये बोर खनन सार्वजनिक स्थानों पर हो रहे हैं। प्रशासन ने प्राइवेट बोर खनन पर प्रतिबंध लगाया है। प्राइवेट बोर खनन पर बैन होने के कारण आम लोग निजी कार्यो के लिए बोर नहीं खुदवा पा रहे हैं।

पिछले साल 3 बोर सूखे निकले थे: नपा ने पिछले साल भी शहर में बोर खनन करवाए थे। बिना रजिस्ट्रिविटी सर्वे करवाए ही बोर खनन करवा दिए गए थे। जिसके कारण तीन बोर सूखे निकल गए थे। इसलिए इस साल रजिस्ट्रिविटी सर्वे करवाकर ही बोर खनन करवाए जा रहे हैं।

शहर में ट्यूबवेल खनन शुरू कर दिए गए हैं। 7 वार्डो में बोर खनन हो चुके हैं। पानी बहुत गहराई पर मिल रहा है। 300 फीट से अधिक खुदाई करवाने पर ही पानी मिल रहा है। चक्रेश जैन, सब इंजीनियर , नपा

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Betul

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×