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आदिवासियों ने कहा: हम किसी भी कीमत पर नहीं बनने देंगे बांध

ताप्ती मेगा रिचार्ज परियोजना के विरोध में सोमवार को सैकड़ों आदिवासियों ने रैली निकाल कलेक्टर शशांक मिश्र को...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 17, 2018, 02:15 AM IST

आदिवासियों ने कहा: हम किसी भी कीमत पर नहीं बनने देंगे बांध
ताप्ती मेगा रिचार्ज परियोजना के विरोध में सोमवार को सैकड़ों आदिवासियों ने रैली निकाल कलेक्टर शशांक मिश्र को ज्ञापन सौंपा। रैली में भीमपुर-दामजीपुरा एवं महाराष्ट्र की सीमा से लगे हुए करीब 40 गांव के आदिवासियों ने कलेक्टोरेट में जमकर नारेबाजी की। आदिवासियों ने कहा किसी भी कीमत पर क्षेत्र में ताप्ती मेगा रिचार्ज परियोजना का बांध नहीं बनने देंगे। इस पर कलेक्टर ने कहा क्षेत्र में इस परियोजना की कोई योजना नहीं है। आप लोगों को भ्रमित न करें। इस पर आदिवासी नेताओं ने कलेक्टर इसे कहा आप लिख कर दो की ऐसे कोई परियोजना नहीं आएगी। आदिवासियों का विस्थापन नहीं होगा। इस पर कलेक्टर ने बताया जीवन में कभी ऐसा होगा, ऐसा हो जाएगा यह मत कहो जो वर्तमान में हो रहा है वो कहो। तीन दिन पहले जब मैंने दामजीपुरा में आप लोगों को बता दिया था। ऐसे कोई योजना नहीं है फिर भी आप लोगों को लेकर यहां आ गए। मैंने भोपाल बात की ऐसे कोई योजना अभी नहीं है लोगों को भ्रमित न करें।

महाराष्ट्र के पेपर में योजना को छापी है खबर

आदिवासियों ने कलेक्टर को बताया महाराष्ट्र के पेपरों में ताप्ती मेगा रिचार्ज परियोजना को लेकर खबर छापी है। इस पर कलेक्टर ने कहा यहां के पेपरों में छापी है क्या नहीं न। जब मप्र शासन ने इस प्रकार के किसी परियोजना पर कोई स्वीकृति नहीं दी है तो बांध कैसे बनेगा।

बैतूल। मांग को लेकर रैली निकालते हुए आदिवासी।

परियोजना में जिले की भूमि नहीं डूबेगी

जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री अमर येवले ने बताया सोमवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की कलेक्टर शशांक मिश्र से हुई चर्चानुसार प्रस्तावित अंतरराज्यीय ताप्ती मेगा रिर्चाजिंग परियोजना को प्रदेश सरकार द्वारा आज तक किसी भी जिले की भूमि डूब में प्रभावित होने की सहमति नहीं दी है और न ही इस प्रस्तावित प्रोजेक्ट के निर्माण को सैद्धांतिक सहमति दी है। मुख्यमंत्री श्री चौहान की जिला कलेक्टर से हुई चर्चानुसार उक्त प्रस्तावित योजना में मध्य प्रदेश की भूमि को डूब से प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। कलेक्टर को नर्मदा-ताप्ती-कछार-इंदौर के मुख्य अभियंता एवं इस परियोजना के नोडल अधिकारी वायसी शर्मा से दूरभाष पर हुई चर्चा में बताया जिले के ग्रामवासियों को किसी भी प्रकार से भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है।

आदिवासियों के अनुसार इन पंचायतों के गांव आएंगे डूब में

आदिवासियों के अनुसार ताप्ती मेगा रिचार्ज परियोजना में भीमपुर ब्लॉक की बाटलाकला, झाकस, केकड़ियाकला, बोरकुंड, डुलारिया, दामजीपुरा, बटकी-झिरना, महतपुर-जावरा, देसली, बाटलाखुर्द, मोहटा, पालंगा, टिटवी, खैरा कामोद तथा चिल्लौर ग्राम पंचायत के करीब 40 गांवों के डूब में आने की आशंका के चलते आदिवासी समाज विरोध कर रहा है।

ग्रामसभा में बांध न बनने देने की ली थी शपथ

भीमपुर ब्लॉक के बटकी गांव में आदिवासियों ने बैठक में परियोजना के विरोध का निर्णय लिया था। राजकुमार मर्सकोले ने बताया बैठक में 40 गांव से आए आदिवासी नेताओं ने बांध न बनने देने को लेकर शपथ ली है। प्रमुख आदिवासी नेताओं ने ऐलान कर दिया है कि वे किसी भी हालत में प्रोजेक्ट को आकार नहीं लेने देंगे।

बांध बना तो करेंगे

आंदोलन

आदिवासी विकास परिषद के रामा काकोडिया, राहुल चौहान ने बताया भारत सरकार घूटीघाट पर ताप्ती नदी पर ताप्ती मेघा रिचार्ज प्रकल्प परियोजना के तहत 7000 करोड़ की लागत से विशाल बांध का निर्माण करने जा रही है। इसमें 287 किमी लंबी दो नहरों का निर्माण भी शामिल है। इस बांध के बनने से महाराष्ट्र के अमरावती, बैतूल व खंडवा जिले के सैकड़ों गांव डूब में आएंगे। भीमपुर ब्लॉक के 40 गांव डूब में आने की आशंका के चलते आदिवासियों ने परियोजना का विरोध करना शुरू कर दिया है। इसलिए आज विरोध प्रदर्शन किया है। यदि भविष्य में बांध बनाता है तो आंदोलन किया जाएगा। कलेक्टर ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है की ऐसे कोई योजना नहीं है।

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