तलाकशुदा शिक्षक दंपती न्यायाधीशों के समझाने पर फिर साथ रहने को हुए राजी

Betul News - छोटी-छोटी बातों पर विवाद के चलते निजी स्कूल के शिक्षक दंपती एक-दूसरे से अलग हो गए थे। वर्ष 2014 में पति ने प|ी से तलाक भी...

Bhaskar News Network

Jul 14, 2019, 08:30 AM IST
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छोटी-छोटी बातों पर विवाद के चलते निजी स्कूल के शिक्षक दंपती एक-दूसरे से अलग हो गए थे। वर्ष 2014 में पति ने प|ी से तलाक भी ले लिया था। दोनों को गलती का एहसास हुआ तो प|ी ने तलाक को निरस्त करने के लिए न्यायालय में आवेदन दिया। शनिवार को प्रकरण लोक अदालत में निराकरण के लिए रखा।

न्यायाधीश कृष्णदास महार, हरप्रसाद बंशकार, सुशील कुमार जोशी, जेएमएफसी रंजिताराव सोलंकी ने दोनों पक्षों को सुना और एक साथ रहने की समझाइश दी। इसके बाद पति-प|ी ने आपसी गिले-शिकवे भूलकर 8 वर्षीय पुत्र के सामने जिंदगीभर एक-दूसरे के साथ रहने का संकल्प लिया। अधिवक्ता राजेंद्र उपाध्याय ने बताया आमला निवासी संदीप और सोनिका ने 19 अप्रैल 2010 को प्रेम विवाह किया था। दोनों निजी स्कूल में शिक्षक हैं।

विवाह के बाद छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद होने लगा। संदीप ने द्वितीय अपर सत्र न्यायालय में तलाक के लिए आवेदन प्रस्तुत किया था। 22 अगस्त 2014 को न्यायाधीश ने एक पक्षीय फैसला सुनाते हुए संदीप को प|ी से तलाक देने के आदेश पारित किए। इस आदेश को चुनौती देते हुए सोनिका ने न्यायालय में आवेदन देकर तलाक के आदेश को निरस्त करने की मांग की थी। 4 जुलाई 2019 को मुलताई न्यायालय में पहुंची जिला एवं सत्र न्यायाधीश बालागिरी सिंह ने पति-प|ी को दोबारा साथ रहने की समझाइश दी।

इस समझाइश के बाद दोनों का प्रकरण लोक अदालत में रखा। लोक अदालत में न्यायाधीशों की समझाइश के बाद पति-प|ी एक साथ रहने को तैयार हो गए। दोनों ने बच्चे के सामने एक-दूसरे को माला पहनाकर हमेशा साथ रहने का संकल्प लिया। वहीं हिवरखेड़ निवासी संगीता और विजय दो साल से अलग रह रहे थे। न्यायाधीश, अधिवक्ता अनिल गीद, सुनील कुशवाह की समझाइश के बाद दोनों ने एक साथ रहने का संकल्प लिया।

मुलताई। लोक अदालत में शिक्षक दंपती के बीच न्यायाधीशों ने कराया समझौता।

पानी, मकान सहित अन्य टैक्स के जमा हुए 7 लाख रुपए

लोक अदालत में बकाया टैक्सों की भी वसूली हुई। नगरवासियों ने जलकर, संपत्ति कर सहित अन्य बकाया टैक्स की राशि जमा की। सीएमओ राहुल शर्मा ने बताया बकाया टैक्सों के एवज में 7 लाख रुपए की वसूली हुई है। वहीं न्यायाधीश कृष्णदास महार के न्यायालय में 23, हरप्रसाद बंशकार के न्यायालय में 11, सुशील कुमार जोशी के न्यायालय में 10 और रंजिता राव सोलंकी के न्यायालय में 25 विचाराधीन प्रकरणों में समझौता हुआ।

भास्कर संवाददाता | मुलताई

छोटी-छोटी बातों पर विवाद के चलते निजी स्कूल के शिक्षक दंपती एक-दूसरे से अलग हो गए थे। वर्ष 2014 में पति ने प|ी से तलाक भी ले लिया था। दोनों को गलती का एहसास हुआ तो प|ी ने तलाक को निरस्त करने के लिए न्यायालय में आवेदन दिया। शनिवार को प्रकरण लोक अदालत में निराकरण के लिए रखा।

न्यायाधीश कृष्णदास महार, हरप्रसाद बंशकार, सुशील कुमार जोशी, जेएमएफसी रंजिताराव सोलंकी ने दोनों पक्षों को सुना और एक साथ रहने की समझाइश दी। इसके बाद पति-प|ी ने आपसी गिले-शिकवे भूलकर 8 वर्षीय पुत्र के सामने जिंदगीभर एक-दूसरे के साथ रहने का संकल्प लिया। अधिवक्ता राजेंद्र उपाध्याय ने बताया आमला निवासी संदीप और सोनिका ने 19 अप्रैल 2010 को प्रेम विवाह किया था। दोनों निजी स्कूल में शिक्षक हैं।

विवाह के बाद छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद होने लगा। संदीप ने द्वितीय अपर सत्र न्यायालय में तलाक के लिए आवेदन प्रस्तुत किया था। 22 अगस्त 2014 को न्यायाधीश ने एक पक्षीय फैसला सुनाते हुए संदीप को प|ी से तलाक देने के आदेश पारित किए। इस आदेश को चुनौती देते हुए सोनिका ने न्यायालय में आवेदन देकर तलाक के आदेश को निरस्त करने की मांग की थी। 4 जुलाई 2019 को मुलताई न्यायालय में पहुंची जिला एवं सत्र न्यायाधीश बालागिरी सिंह ने पति-प|ी को दोबारा साथ रहने की समझाइश दी।

इस समझाइश के बाद दोनों का प्रकरण लोक अदालत में रखा। लोक अदालत में न्यायाधीशों की समझाइश के बाद पति-प|ी एक साथ रहने को तैयार हो गए। दोनों ने बच्चे के सामने एक-दूसरे को माला पहनाकर हमेशा साथ रहने का संकल्प लिया। वहीं हिवरखेड़ निवासी संगीता और विजय दो साल से अलग रह रहे थे। न्यायाधीश, अधिवक्ता अनिल गीद, सुनील कुशवाह की समझाइश के बाद दोनों ने एक साथ रहने का संकल्प लिया।

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