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पर्यावरण प्रेमियों की होली : सूखे कंडों की जलाएंगे हाेली, ग्रामीणों ने तैयार किया पलाश के फूलों का रंग
रंगाें का त्योहार हाेली का पर्व मंगलवार काे मनाया जाएगा। इसके पहले साेमवार की रात हाेलिका दहन हाेगा। क्षेत्र में इसकी तैयारी जाेराें पर चल रही है। रानीपुर के आदर्श गांव में कंडे की हाेली जलाई जाएगी। खेड़ीसांवलीगढ़ में काेशिश ग्रुप के सदस्याें ने लोगों से कंडे की हाेली जलाने और रंग की जगह गुलाल से हाेली खेलने पर जाेर दिया।
नई पीढ़ी को बताएंगे हाेलिका का महत्व : रानीपुर के ग्रामीण और युवा बच्चों को संस्कृति से जोड़ने, परंपराओं का कारण बताने की पहल कर रहे हैं। युवाओं ने बताया कि नई पीढ़ी को होली त्योहार का महत्व बताया जाएगा। हाेली के त्योहार काे लेकर ऐसी मान्यता है कि इस दिन स्वयं को ही भगवान मान बैठे हरिण्यकश्यप भगवान की भक्ति में लीन अपने ही पुत्र प्रह्लाद को अपनी बहन होलिका के जरिए जिंदा जला देना चाहता था। लेकिन भगवान ने भक्त पर अपनी कृपा की और प्रह्लाद के लिए बनाई हाेली में स्वयं होलिका भस्म हो गई। होलिका दहन इस बात का भी प्रतीक है कि अगर मजबूत इच्छा शक्ति हो, तो कोई बुराई आपको छू भी नहीं सकती। भक्त प्रह्लाद अपनी भक्ति और इच्छा शक्ति की वजह से अपने पिता की बुरी मंशा से हर बार बच निकले। होलिका दहन बताता है कि बुराई कितनी भी ताकतवर क्यों न हो, वो अच्छाई के सामने टिक नहीं सकती। इसलिए इस दिन होलिका दहन की परंपरा भी है। होलिका दहन से अगले दिन रंगों से खेला जाता है। इसलिये इसे रंगवाली होली और धुरेंडी कहा जाता है।
होली पूजा का महत्व : घर में सुख-शांति, समृद्धि, संतान प्राप्ति आदि के लिए महिलाएं इस दिन होली की पूजा करती हैं। होलिका दहन के लिए करीब एक महीने पहले से तैयारियां शुरु कर दी जाती है। लकड़ियों को इकट्ठा किया जाता है फिर होली वाले दिन शुभ मुहूर्त में होलिका का दहन किया जाता है।
होलिका दहन का शुभ मुहूर्त पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 9 मार्च सुबह 3 बजकर 3 मिनट से रात 11 बजकर 17 मिनट तक। होलिका दहन मुहूर्त: शाम 6 बजकर 26 मिनट से रात 8 बजकर 52 मिनट तक।
व्यापारी संघ का अाह्वान, पर्यावरण संरक्षण करने कंडे की हाेली जलाएं, तिलक लगाकर मनाएं त्योहार
खेड़ीसावलीगढ़| यहां के व्यापारी संघ अध्यक्ष मोहन राठौर ने इस बार की होली पर पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए लकड़ी की जगह कंडे की होली जलाए जाने पर जाेर दिया। कोशिश ग्रुप के कोषाध्यक्ष केवल सिंह ठाकुर ने कहा कि होली के इस पर्व पर एक-दूसरे से मिलने उनके दुखाें काे बांटे। वरिष्ठ सदस्य रूपेश ठाकरे ने भी होलिकोत्सव शांति पूर्वक मनाने सिर्फ गुलाल की होली खेलने की अपील की है।
खेड़ीसावलीगढ़| पलाश के फूलों से रंग बनाते हुए एक ग्रामीण।