कब्जों से घिरे नालों से शहर में बाढ़ का खतरा नपा का प्लान पोकलेन से करेंगे गहरीकरण

Betul News - आधा शहर नालों के किनारे बसा है। हर गली में तकरीबन एक छोटा या बड़ा नाला जरूर है। यह सारनी की भौगोलिक स्थिति है। यही...

Bhaskar News Network

Jun 14, 2019, 09:05 AM IST
Sarni News - mp news the risk of floods in the city from the plots surrounded by occupation will be planned by the poklane
आधा शहर नालों के किनारे बसा है। हर गली में तकरीबन एक छोटा या बड़ा नाला जरूर है। यह सारनी की भौगोलिक स्थिति है। यही कारण है हर साल बारिश के दिनों में बाढ़ का पानी घरों, दुकानों और आवासों तक में घुस जाता है। बाढ़ प्रबंधन के तहत नगर पालिका हर साल नालों की सफाई, गहराई का टेंडर निकालती है। काम भी होता है, लेकिन नालों तक आए अवैध कब्जे नहीं हटने के कारण ये उपाय प्रभावी नहीं हो पाते और बाढ़ से नुकसान होता है।

इस साल भी बारिश के पहले नालों के गहरीकरण और चौड़ीकरण के लिए नगर पालिका पोकलेन मशीन के टेंडर करने की तैयारी कर रही है। इसमें भी नपा लेट हो गई है। गनीमत है इस साल मानसून लेट हो गया, वर्ना पहली ही बारिश में शहर के नाले उफान पर आ जाते। एक वार्ड में 10 से 12 नाले हैं। नगर पालिका द्वारा सफाई का अभियान तो जारी है। मशीन से गहरीकरण की योजना भी है, लेकिन अवैध अतिक्रमण हटाने की कोई याेजना नहीं है। जबकि नालों पर अवैध कब्जों के कारण ही बाढ़ का पानी शहर में घुसता है। चार साल पहले इसे लेकर नपा ने अभियान भी चलाया था। उस समय आधा सैकड़ा से ज्यादा छोटे-बड़े अवैध कब्जे हटाए गए थे, लेकिन उसके बाद से अभी तक ध्यान नहीं दिया। इस साल भी ये अवैध कब्जे मुसीबत बनेंगे।

कई वार्डों में लोगों ने नालों के ऊपर ही बना लिए मकान : इक्का-दुक्का निजी क्षेत्रों को छोड़कर पूरे शहर में लोग अतिक्रमण कर रह रहे हैं। सारनी में पावर जनरेटिंग कंपनी, पाथाखेड़ा और शोभापुर में डब्ल्यूसीएल की जमीन पर कब्जे कर लोग रहते हैं। घर के आस-पास से नाले गुजरने की स्थिति में लोगों ने नालों पर भी निर्माण कर लिए हैं। इससे नाले संकरे हो गए हैं। पानी निकासी की कम जगह मुसीबत लाती है।

सारनी। रिटेनिंग वाॅल नहीं होने के कारण नालों में इस तरह मिट्‌टी धंसकती है।

नगर पालिका का टुकड़ों में रिटेनिंग वाॅल के ड्रीम प्रोजेक्ट का काम अधर में, अब बनी मुसीबत

नगर पालिका ने टुकड़ों में रिटेनिंग वाॅल बनाना ढाई साल से बंद कर रखा है। नपाध्यक्ष इसे लेकर बड़ा प्रोजेक्ट लाने की तैयारी में थे। नगर पालिका अध्यक्ष आशा भारती ने उस समय सांसद रहे कमलनाथ से इसकी मांग की थी। अब वे मुख्यमंत्री हैं, लेकिन प्रोजेक्ट पर कोई बात ही नहीं हुई। करीब 35 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट से बड़े नालों पर रिटेनिंग वाॅल बननी थी। अध्यक्ष भारती बताती हैं वे इसे लेकर जल्द ही मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगी।

सफाई का काम करीब पूरा हो गया है


वार्ड 12 शॉपिंग सेंटर के पास नाले पर इस तरह अतिक्रमण है।

शुरू हो जाएगी बारिश, टेंडर में ही देरी

नगर पालिका नालों की सफाई का काम पूरी तरह से खुद के कर्मचारियों से करवा रही है। इस साल यह अच्छी बात है हर नाले में सफाई का काम चल रहा है। शहर में डेढ़ सैकड़ा से ज्यादा नाले हैं। ऐसे में समय तो लगेगा, लेकिन लेट लतीफी टेंडर में हो रही है। अगले पखवाड़े में बारिश शुरू हो जाएगी। इस बीच 15 दिनों में पूरे नालों का गहरीकरण, चौड़ीकरण और सफाई होना मुश्किल है।

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