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टाइगर रिजर्व के कॉरीडोर में ग्रामीणों को फिर दिखा बाघ

3 वर्ष पहले
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तवा नदी के किनारे के गांवों में बाघ के शिकार से लोग डरे हुए हैं। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के कॉरीडोर के आस-पास बाघ की लोकेशन लगातार बदल रही है। राजेगांव से खैरवानी के बीच लगातार इसका मूवमेंट दिखाई दे रहा है। अनुमान है बाघ पुनर्वास क्षेत्र की ओर बढ़ रहा है। हालांकि वन विभाग ने इसकी एक भी तय लोकेशन या इसकी मौजूदगी के बारे में आधिकारिक जानकारी नहीं दी है।

सारनी और तवा नदी के किनारे घूम रहे इस बाघ के मादा होने का अनुमान जताया जा रहा है। सूत्र बताते हैं बाघिन गर्भस्थ है। जिन ग्रामीणों ने इसे देखा वे बताते हैं इसका तेज मूवमेंट भी नहीं है। गांव के केऊलाल यादव, सालकराम यादव ने बताया दो दिनों पहले बाघ को राजेगांव के पास देखा था। इस दौरान नदी के किनारे बाघ बेशरम की झाड़ियों में छिपा हुआ था। वन अधिकारियों ने इसके पास किसी को जाने नहीं दिया। इस दौरान आस-पास के गांवों में बाघ आधा दर्जन से ज्यादा शिकार कर चुका है। इससे ग्रामीण डरे हुए हैं। वन विभाग की टीम इस पर सतत निगरानी रख रही है, लेकिन अभी तक किसी भी अधिकारी ने इसकी मौजूदगी के बारे में जानकारी नहीं दी। वन विभाग ने कई लोकेशनों पर कैमरे लगा रखे हैं। अधिकारियों के अनुसार अभी तक किसी कैमरे में इसके फुटेज नहीं आए हैं। एसडीओ फारेस्ट सुदेश महिवाल, रेंज ऑफिसर विजय कुमार बारस्कर ने बताया बाघ की लोकेशन के संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी, पगमार्क या फुटेज नहीं मिले हैं। फिर भी इसके इस क्षेत्र में होने का अनुमान है। टीमें तैनात हैं।

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