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83 किमी सीसी सड़कें बनाने का टारगेट तराई में खर्च होगा 62 हजार टैंकर पानी

Bhensdehi News - इस साल भीषण जलसंकट गहराने की आशंकाएं हैं, लेकिन सीसी सड़कों के निर्माण कार्य अधूरे पड़े हैं। लेटलतीफी के कारण सड़क...

Dainik Bhaskar

Mar 04, 2018, 07:20 AM IST
83 किमी सीसी सड़कें बनाने का टारगेट तराई में खर्च होगा 62 हजार टैंकर पानी
इस साल भीषण जलसंकट गहराने की आशंकाएं हैं, लेकिन सीसी सड़कों के निर्माण कार्य अधूरे पड़े हैं। लेटलतीफी के कारण सड़क निर्माण की टाइम लिमिट करीब आ गई हैं अब भीषण गर्मी में 15 करोड़ लीटर पानी खर्च कर इन सड़कों का निर्माण और तराई करनी पड़ेगी। कॉलोनियों में जिन 62 हजार टैंकरों का पानी पहुंचाकर जलसंकट दूर किया जा सकता था उन टैंकरों का पानी अब सड़क निर्माण और तराई में खर्च होगा।

जिले में दो बड़ी सीमेंट- कांक्रीट सड़कों का निर्माण चल रहा है। लेटलतीफी के कारण अब तक इनका निर्माण पूरा नहीं हुआ है। अब अप्रैल और मई में सड़क निर्माण की टाइम लिमिट पूरी होने जा रही है। पीडब्ल्यूडी ने ठेकेदारों को सड़क निर्माण जल्द पूरा करने के नोटिस जारी किए हैं। सड़क नहीं बनाने पर 10 प्रतिशत पेनाल्टी लगाने की चेतावनी भी दी है। ऐसे में अब बैतूल शहर और मुलताई- भैंसदेही के बीच सड़क निर्माण तेजी से शुरू हुआ है। बैतूल शहर में भी सीमेंट-कांक्रीट बिछाने की तैयारी की जा चुकी है। गर्मी में 83 किलोमीटर सड़क बनाने और 21 दिन तराई करने में 62 हजार 250 टैंकर पानी खर्च होगा। जिस पानी से 62 हजार कॉलोनियों को एक बार में पानी दिया जा सकता था वह सड़क बनाने में खर्च करना पड़ेगा।

शहर में बनने वाली सीसी रोड के लिए पुरानी सड़क उखाड़ने का काम शुरू हो गया है।

कहां बननी है

सड़क

मुलताई-भैंसदेही सड़क






बैतूल-बोरदेही -आमला सड़क






शहर को 30 लाख लीटर पानी चाहिए रोज

ठेकेदार प्राइवेट टैंकरों का पानी लाएंगे, पानी चोरी की भी आशंका

ठेकेदार प्राइवेट टैंकरों का पानी परिवहन के लिए लेंगे। ऐसे में शहर का भूजलस्तर तेजी से नीचे जा सकता है। दरअसल अधिकांश प्राइवेट टैंकर ट्यूबवेल से ही टैंकर भरते हैं। शहर के अन्य जलस्स्रोतों से पानी के तेजी से दोहन और पानी की चोरी की आशंकाएं भी बन सकती हैं।

तराई में पानी की कमी हुई तो सड़क में आएंगे क्रेक

सड़क निर्माण मई तक पूरा किया जाना है। गर्मी में यदि पानी की कमी में सड़क बनाई गई तो सड़क में क्रेक आ जाएंगे। गिट्टियां भी उखड़ सकती हैं। ऐसे में पानी का भरपूर उपयोग करना भी जरूरी है।



ठेकेदार को कम से कम पानी खर्च करने की हिदायत देंगे


इधर नगरपालिका ने शहर में 15 मार्च के बाद से भीषण जलसंकट के आसार बनने की आशंका जताते हुए नगरीय प्रशासन ईई को पत्र लिखा है। 30 लाख लीटर पानी रोज बांधों से परिवहन करके लाने की बात लिखी है। एक ओर शहर में बांध का पानी लाने की बात चल रही है। वहीं दूसरी ओर शहर में ही 6 किलोमीटर सीसी सड़क बनाने का काम शुरू हुआ है।

इस तरह बर्बाद

होगा पानी






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