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झिरिया का पानी पीने को मजबूर रहवासी अधिकारियों ने अब तक नहीं ली सुध

भास्कर संवाददाता| खेड़ीसांवलीगढ़ जिले के ग्रामीण अंचल में जल संकट गहराने लगा है। लोगों को झिरिया के गंदे पानी...

Danik Bhaskar | May 18, 2018, 03:25 AM IST
भास्कर संवाददाता| खेड़ीसांवलीगढ़

जिले के ग्रामीण अंचल में जल संकट गहराने लगा है। लोगों को झिरिया के गंदे पानी से प्यास बुझानी पड़ रही है। भैंसदेही ब्लॉक के दादूढाना गांव के कुछ ऐसे ही हालात हैं। गांव के लोग कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत करा चुके हैं, लेकिन अब तक किसी ने गांव पहुंचकर कोई सुध नहीं ली। ग्रामीण अब पानी के लिए कलेक्टोरेट आकर प्रदर्शन करेंगे। ताप्ती तट की ग्राम पंचायत केरपानी के दादूढाना गांव की आबादी एक हजार है। यहां पर एक पंचायती कुआं और आधा दर्जन हैंडपंप हैं। पंचायती कुआं देखरेख और सफाई नहीं होने से उपयोगी नहीं है। हैंडपंपों से पानी आना बंद हो गया है। इससे लोग गहराते जल संकट से परेशान हैं।

खेड़ीसांवलीगढ़। झिरिया का पानी लेते दादूढाना के रहवासी। दूसरे चित्र में पानी ले जाते ग्रामीण।

पानी के लिए लगाई थी गुहार सुनवाई नहीं

गांव की बुजुर्ग महिला मुसिया उइके, यशोदा सिरसाम, सुनीता बावने, सरस्वती कवड़े ने बताया पेयजल समस्या को लेकर पंचायत को अवगत कराया था। जनप्रतिनिधियों को पानी की कमी की समस्या बताई, लेकिन कोई सुनाई नहीं हुई। उनका कहना है अब कलेक्टर से उम्मीद है। बैतूल जाकर कलेक्टर से जल संकट दूर करने की मांग करेंगे।

गांव में पानी की किल्लत है


ताप्ती नदी सूखने से नहीं मिल रहा पानी

गांव में जल स्रोतों की कमी होने और हैंडपंपों के बंद होने पर गांव के लोग ताप्ती नदी के किनारे झिरिया बनाकर पानी लेते थे और इसका इस्तेमाल पीने में करते थे, लेकिन कम बारिश होने से समय से पहले ही ताप्ती नदी सूख गई। इससे लोगों को जल संकट का सामना करना पड़ रहा है। हालत दिन पर दिन गंभीर होते जा रहे हैं।

झिरिया का गंदा पानी छानकर पी रहे लोग

दादूढाना गांव के लोग जल संकट को देखते हुए दो पहाडिय़ों के बीच बह रही झिरिया की खुदाई कर पीने के पानी जुटा रहे हैं। इस झिरिया में थोड़ा-थोड़ा पानी आ रहा है। यह पानी दुर्गंध युक्त है। पानी की किल्लत से जूझ रहे ग्रामीण इसी पानी को छानकर पी रहे हैं।