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दो लोगों के साथ अस्पताल में ठगी, फुटेज जांचेंगे

वनमंत्री अंतरसिंह आर्य के बंगले पर काम करने वाले मजदूर व जिला अस्पताल में भर्ती प|ी को देखने आए एक युवक से ठगी का...

Danik Bhaskar | Mar 02, 2018, 02:15 AM IST
वनमंत्री अंतरसिंह आर्य के बंगले पर काम करने वाले मजदूर व जिला अस्पताल में भर्ती प|ी को देखने आए एक युवक से ठगी का मामला सामने आया है। आरोपी दोनों से मोबाइल व ढाई हजार रुपए ले उड़ा। पुलिस सीसीटीवी जुटाकर जांच करने का कह रही है।

भीकनगांव तहसील के नवलपुरा निवासी शुभम कैलाश झाला मंत्री के बंगले पर पेंटिग व वॉलपुट्‌टी कर रहा है। उसने बताया गुरुवार दोपहर 1 बजे सेंधवा बस से खरगोन के बस स्टैंड पर उतरा। यहां एक युवक मिला। उसने नाम व पता पूछकर मेरे गांव के सरपंच से पहचान बताई। मैंने सरपंच पूरनसिंह दरबार का नाम बताया तो उसने सरपंच को रिश्तेदार बताया। जिला अस्पताल में भर्ती बहन को देखने के बाद साथ में नवलपुरा चलने को कहा। उसके साथ ऑटो से जिला अस्पताल पहुंचा। गेट उसने कहा कि यहां गुटखा-पाउच व अन्य चेकिंग होती है। मिलने पर 650 रुपए जुर्माना होता है। पर्स व बैग मुझे दे दो। मेटरनिटी वार्ड पहुंचे। यहां उसने मेरा व उसका पर्स लेकर बैग में रखने के बीच मेरा पर्स जेब में रख लिया। वार्ड में बलकवाड़ा निवासी रमेश लक्ष्मण मिला। उसने कहा एक कॉल करने के बहाने मोबाइल मांगा। किसी नंबर पर बात की और खून-पेशाब की जांच के लिए रमेश के साथ मुझे भी ब्लड बैंक के नीचे ले गया। यहां उसने हमें ठहरने का कहते हुए ऊपर से जल्दी आने का कहा। आधे घंटे तक वह नहीं आया। हम दोनों ऊपर पहुंचे। कोई नहीं मिला। ठगी की कोतवाली पुलिस को शिकायत की। काफी देर दोनों साथ रहे, लेकिन लापरवाही की हद तो यह रही कि दोनों आरोपी का नाम, पता व अन्य पहचान नहीं जान पाए।


ठग का पर्स दिखाते शुभम व रमेश।

भास्कर संवाददाता | खरगोन

वनमंत्री अंतरसिंह आर्य के बंगले पर काम करने वाले मजदूर व जिला अस्पताल में भर्ती प|ी को देखने आए एक युवक से ठगी का मामला सामने आया है। आरोपी दोनों से मोबाइल व ढाई हजार रुपए ले उड़ा। पुलिस सीसीटीवी जुटाकर जांच करने का कह रही है।

भीकनगांव तहसील के नवलपुरा निवासी शुभम कैलाश झाला मंत्री के बंगले पर पेंटिग व वॉलपुट्‌टी कर रहा है। उसने बताया गुरुवार दोपहर 1 बजे सेंधवा बस से खरगोन के बस स्टैंड पर उतरा। यहां एक युवक मिला। उसने नाम व पता पूछकर मेरे गांव के सरपंच से पहचान बताई। मैंने सरपंच पूरनसिंह दरबार का नाम बताया तो उसने सरपंच को रिश्तेदार बताया। जिला अस्पताल में भर्ती बहन को देखने के बाद साथ में नवलपुरा चलने को कहा। उसके साथ ऑटो से जिला अस्पताल पहुंचा। गेट उसने कहा कि यहां गुटखा-पाउच व अन्य चेकिंग होती है। मिलने पर 650 रुपए जुर्माना होता है। पर्स व बैग मुझे दे दो। मेटरनिटी वार्ड पहुंचे। यहां उसने मेरा व उसका पर्स लेकर बैग में रखने के बीच मेरा पर्स जेब में रख लिया। वार्ड में बलकवाड़ा निवासी रमेश लक्ष्मण मिला। उसने कहा एक कॉल करने के बहाने मोबाइल मांगा। किसी नंबर पर बात की और खून-पेशाब की जांच के लिए रमेश के साथ मुझे भी ब्लड बैंक के नीचे ले गया। यहां उसने हमें ठहरने का कहते हुए ऊपर से जल्दी आने का कहा। आधे घंटे तक वह नहीं आया। हम दोनों ऊपर पहुंचे। कोई नहीं मिला। ठगी की कोतवाली पुलिस को शिकायत की। काफी देर दोनों साथ रहे, लेकिन लापरवाही की हद तो यह रही कि दोनों आरोपी का नाम, पता व अन्य पहचान नहीं जान पाए।