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267 रुपए की यूरिया की बोरी किसानों को मिल रही 325 में

किसानों के लिए यूरिया खाद की एमआरपी 267 रुपए निर्धारित की गई है। जो सरकारी सोसाइटियों पर इसी रेट पर किसानों को दिया...

Dainik Bhaskar

Nov 11, 2018, 02:36 AM IST
Mo - 265 rupees urea sacks to farmers getting 325
किसानों के लिए यूरिया खाद की एमआरपी 267 रुपए निर्धारित की गई है। जो सरकारी सोसाइटियों पर इसी रेट पर किसानों को दिया जा रहा है। लेकिन मौ नगर में संचालित मार्केटिंग सोसाइटी पर छोटे किसानों को खाद उपलब्ध नहीं है, क्योंकि उनके पास परमिट नहीं है। ऐसे किसान मजबूर होकर प्राइवेट दुकानों से खाद खरीद रहे हैं। बाजार में प्राइवेट दुकानों पर किसानों को यूरिया की बोरी 325 रुपए मे दी जाती है। जबकि डीएपी की एमआरपी 1400 रुपए फिक्स की गई है, जिसे दुकानदार 50 रुपए अतिरिक्त दामों में बेच रहे हैं। प्रति बोरी पर 50 से अधिक रुपए लेकर किसानों के साथ ठगी का काम लंबे वक्त से किया जा रहा है। जिसके खिलाफ जिम्मेदार अधिकारी भी कार्रवाई करने से परहेज करते हैं।

बाजार में किसानों को महंगे दाम पर दी जा रही खाद।

भास्कर संवाददाता | मौ

किसानों के लिए यूरिया खाद की एमआरपी 267 रुपए निर्धारित की गई है। जो सरकारी सोसाइटियों पर इसी रेट पर किसानों को दिया जा रहा है। लेकिन मौ नगर में संचालित मार्केटिंग सोसाइटी पर छोटे किसानों को खाद उपलब्ध नहीं है, क्योंकि उनके पास परमिट नहीं है। ऐसे किसान मजबूर होकर प्राइवेट दुकानों से खाद खरीद रहे हैं। बाजार में प्राइवेट दुकानों पर किसानों को यूरिया की बोरी 325 रुपए मे दी जाती है। जबकि डीएपी की एमआरपी 1400 रुपए फिक्स की गई है, जिसे दुकानदार 50 रुपए अतिरिक्त दामों में बेच रहे हैं। प्रति बोरी पर 50 से अधिक रुपए लेकर किसानों के साथ ठगी का काम लंबे वक्त से किया जा रहा है। जिसके खिलाफ जिम्मेदार अधिकारी भी कार्रवाई करने से परहेज करते हैं।

अधिकारी बोले- कार्रवाई होगी

किसानों को जहां सरकारी सोसाइटी के गोदाम से न्यूनतम रेट पर खाद नहीं दिया जा रहा है। वहीं प्राइवेट दुकानों पर खाद का भंडारण अधिक होने के बावजूद किसानों को महंगे दामों में उपलब्ध कराया जाता है। इस समस्या को लेकर नायब तहसीलदार योग्यता वाजपेयी से शिकायत की गई तो उन्होंने कहा है कि अगर दुकानदार किसानों को इस भाव में खाद बेच रहे हैं तो निश्चित ही उनके विरुद्ध जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। लेकिन देखा गया है कि दुकानदार और सरकारी सोसाइटी के मैनेजर द्वारा लगातार खाद के लिए किसानों को परेशान किया जाता है, लेकिन ऐसे लोगों के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की है।

जांच कर कार्रवाई करेंगे


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Mo - 265 rupees urea sacks to farmers getting 325
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