Hindi News »Madhya Pradesh »Bhind» पीएचसी फूप कायाकल्प अभियान में 9वें स्थान पर, 2 लाख के पुरस्कार से सम्मानित

पीएचसी फूप कायाकल्प अभियान में 9वें स्थान पर, 2 लाख के पुरस्कार से सम्मानित

फूप का प्राथमिक अस्पताल जिसे पुरस्कार दिया गया है। संभाग में किसको कितने अंक मिले जिला पीएचसी अंक स्थान ...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 02:05 AM IST

पीएचसी फूप कायाकल्प अभियान में 9वें स्थान पर, 2 लाख के पुरस्कार से सम्मानित
फूप का प्राथमिक अस्पताल जिसे पुरस्कार दिया गया है।

संभाग में किसको कितने अंक मिले

जिला पीएचसी अंक स्थान

भिंड फूप 75.3 नौवां

गुना पनवाई हाट 71.33 दसवां

ग्वालियर चेनेर 73 ग्यारहवां

मुरैना सुमावली 84.7 बारहवां

शिवपुरी खोड 92.7 बारहवां

श्योपुर वीरपुर 93 तेरहवां

अस्पताल को नंबर वन का दर्जा दिलाने यह होंगे काम

हर्बल गार्डन बनाकर औषधीय पौधे लगाए जाएंगे, जिनसे दवा बनाई जा सकेंगी।

अस्पताल के सौंदर्यीकरण के लिए बड़ा गेट व नए वार्डों का निर्माण करेंगे।

पानी की बर्बादी रोकने के लिए वॉटर हार्वेस्टिंग लगाया जाएगा।

अस्पताल परिसर में मरीजों के बैठने के लिए गार्डन विकसित किया जाएगा।

स्टाफ की उपस्थिति दर्ज कराने बॉयो मैट्रिक मशीन लगाई जाएंगी।

प्राथमिक अस्पताल फूप को ग्वालियर और चंबल संभाग में मिला प्रथम स्थान

प्रदेश में नंबर वन लाने के लिए हर्बल गार्डन के साथ लगेगा वाटर हार्वेस्टिंग

भास्कर संवाददाता | फूप

कायाकल्प अभियान में पीएचसी अस्पताल फूप ने प्रदेश में 9वां एवं ग्वालियर-चंबल संभाग में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। प्रदेश के टॉप टेन अस्पतालों में शामिल होने के साथ ही अस्पताल प्रबंधन को मध्यप्रदेश शासन की ओर से 2 लाख रुपए का नकद पुरस्कार दिया गया है। यह राशि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के विकास पर खर्च की जाएगी। बीएमओ डॉ डीके शर्मा ने बताया बेहतर प्रयासों की बदौलत 75.3 अंक प्राप्त कर अस्पताल को प्रदेश की अव्वल सूची में दर्ज किया गया है। इसके साथ ही प्रयास किया जाएगा कि फूप पीएचसी को प्रदेश में प्रथम स्थान पर लाया जा सके। इसके लिए अस्पताल को स्वास्थ्य सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा।

ऐसे मिला अव्वल होने का दर्जा

प्राथमिक अस्पताल फूप को कायाकल्प अभियान की टॉप टेन सूची में शामिल किया गया है, क्योंकि अस्पताल में अधोसंरचना के साथ बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं पर विभाग की टीम द्वारा बेहतर कार्य किया गया है। अस्पताल से निकलने वाले कचरे के विस्थापन के लिए ट्रीटमेंट प्लांट तैयार किया गया है, जिसमें डिलीवरी का प्लेसेंटा कचरा विस्थापित किया जाता है। इतना ही नहीं अस्पताल में मरीजों को संक्रमण के खतरे से बचाने के लिए ब्लीचिंग पाउडर का घोल उपयोग में लाया गया है, जिसमें निडिल डुबोकर संक्रमण को रोकने का काम किया जा रहा है। साथ ही लेबर रूम और आेटी को डिस इंफैक्टेड किया गया है। जिससे मरीजों को किसी प्रकार की गंभीर बीमारियों के फैलने का खतरा न रहे।

जांच व एक्स-रे की सुविधा: प्राथमिक अस्पताल में मरीजों के इलाज का प्रबंधन द्वारा बखूबी ध्यान रखा जाता है। अस्पताल में 24 घंटे एक्स-रे मशीन से लोगों के एक्सरे किए जा रहे हैं। इतना ही नहीं अस्पताल में सुसज्जित लेब बनाकर तैयार की गई है, जिसमें मरीजों के स्वास्थ्य का परीक्षण किया जा रहा है। मरीजों की सरकारी अस्पताल में नि:शुल्क जांच कर दवा का वितरण भी समय पर किया जाता है। यही कारण है कि अस्पताल में हर दिन एक सैकड़ा से अधिक मरीज ओपीडी में पहुंच रहे हैं। इसके अलावा अस्पताल में और अधिक व्यवस्थाएं बढ़ाने के लिए प्रबंधन के प्रयास जारी हैं। ं

चार माह पहले आई टीम

चार माह पहले स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कायाकल्प अभियान के तहत अस्पताल का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान टीम ने अस्पताल में साफ-सफाई, वार्डों की स्थिति, एक्स-रे मशीन, लेबर रूम के साथ अन्य वार्डों का जायजा लेते हुए बिल्डिंग की स्थिति को भांपा था। इसके अलावा जिले के अन्य अस्पतालों का टीम द्वारा निरीक्षण किया गया था, लेकिन स्वच्छता के साथ स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होने के उपलक्ष्य में टीम ने फूप पीएचसी को चयनित किया। टीम ने अस्पताल में इंडोर की सुविधा और एक्सरे मशीन की 24 घंटे सेवाओं की सराहना करते हुए जांच रिपोर्ट शासन को भेजी। जिसके आधार पर अस्पताल को यह ख्याति प्रदान की गई है।

ओपीडी में 62 से 63 हजार मरीज पहुंचे

पीएचई फूप में बीएमओ डॉ डीके शर्मा सहित दो डॉक्टर व स्टाफ मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। खास बात यह है कि प्राथमिक अस्पताल का दर्जा होने के बाद भी अस्पताल में साल भर में 62 से 63 हजार मरीज ओपीडी में पहुंच रहे हैं। बीएमओ डॉ शर्मा ने बताया अस्पताल में गंदगी से निजात पाने के लिए सार्को पिट और प्लेसेंटा पिट से कचरा विस्थापित किया जा रहा है। आगामी दिनों में अस्पताल में बड़ा गेट के साथ वॉटर हार्वेस्टिंग का काम किया जाएगा। जिससे पानी की बर्बादी को आसानी से रोका जा सके।

अगली साल नंबर वन पर आएंगे

अभी हम प्रदेश में नौंवें और संभाग में पहले स्थान पर आए हैं, लेकिन बहुत जल्द प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त करेंगे। अस्पताल में मरीजों की स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर साफ-सफाई और भवन की देखरेख तक का ख्याल बखूबी रखा जाता है। आगे भी स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने का प्रयास किया जाएगा। -डॉ डीके शर्मा, बीएमओ, फूप

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Bhind

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×