• Home
  • Madhya Pradesh News
  • Bhind News
  • बोर्ड फीस के Rs.500 बचाने स्कूल संचालकों ने सामान्य छात्रों को बताया दिव्यांग, 177 बच्चे नहीं दे पाए परीक्षा
--Advertisement--

बोर्ड फीस के Rs.500 बचाने स्कूल संचालकों ने सामान्य छात्रों को बताया दिव्यांग, 177 बच्चे नहीं दे पाए परीक्षा

ऊमरी में परीक्षा केंद्र के बाहर खड़े छात्र, जो परीक्षा नहीं दे पाए। 1126 परीक्षार्थी रहे अनुपस्थित, दो नकलची पकड़े...

Danik Bhaskar | Mar 02, 2018, 02:05 AM IST
ऊमरी में परीक्षा केंद्र के बाहर खड़े छात्र, जो परीक्षा नहीं दे पाए।

1126 परीक्षार्थी रहे अनुपस्थित, दो नकलची पकड़े



छात्र बोले- हमने फीस पूरी भरी फिर भी परीक्षा में नहीं बैठने दिया



बोर्ड को भेजी है रिपोर्ट


बोर्ड फीस बचाने के लिए की गई गड़बड़ी

जिले में नकल पर पूरी तरह से अंकुश लगने के बाद स्कूल संचालकों ने अपना मुनाफा कमाने के लिए नया तरीका इजाद किया है। निजी स्कूल संचालकों ने 177 छात्रों को अस्थिबाधित बताकर बोर्ड फीस बचा ली। लेकिन यह सभी बच्चे सामान्य हैं। इसलिए वे परीक्षा केंद्र पर विकलांग प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं कर पाए तो उन्हें परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया। परिणामस्वरूप जिले के 177 परीक्षार्थी स्कूल संचालकों के फर्जीवाड़े की वजह से न सिर्फ परीक्षा से वंचित रह गए। बल्कि उनकी पूरी साल बर्बाद हो गई।

इन स्कूलों के संचालक ने किया फर्जीवाड़ा

यहां बता दें कि शिवम हायर सेकेंडरी स्कूल कनावर में 47 बच्चों के दिव्यांग कोटे से परीक्षा फार्म भरवाए गए। इनका परीक्षा केंद्र रामहर्षण कॉलेज मोरकुटी में बनाया गया था। इसी प्रकार विवेकानंद हायर सेकेंडरी स्कूल खेरिया ने 45 बच्चों के विकलांग कोटे से परीक्षा फार्म भरवाए थे। इनका परीक्षा केंद्र छोटेलाल सत्यनारायण कॉलेज में बनाया गया था। जहां सिर्फ दो बच्चों को विकलांग सर्टिफिकेट होने पर परीक्षा में शामिल होने दिया गया। इसके अलावा पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल में 19 बच्चों को दिव्यांग कोटे से बैठाया गया। इनका परीक्षा केंद्र शासकीय उच्चतर माध्यमिक स्कूल नयागांव में था। जहां किसी भी बच्चे को प्रवेश नहीं दिया गया।

पर्यवेक्षक के साथ थाना प्रभारी ने की अभद्रता, धरना

बोर्ड परीक्षा केंद्र के दौरान शासकीय माध्यमिक स्कूल मिहोना पर ड्यूटी के लिए जा रहे पर्यवेक्षक अजेश सिं कुशवाह के साथ मिहोना थाना प्रभारी राघवेंद्र सिंह तोमर ने अभद्रता कर दी। इससे गुस्साए शिक्षकों ने परीक्षा उपरांत मिहोना थाना पर धरना दिया। शिक्षकों ने मिहोना थाना प्रभारी को हटाने की मांग की। वहीं आजाद अध्यापक संघ के जिलाध्यक्ष संतोष लहारिया, संभागीय अध्यक्ष शैलेष त्रिपाठी, टीकम सिंह, राकेश शर्मा, वीर बहादुर सिंह चौहान, नवीन चौबे आदि ने इस घटना की निंदा की। बाद प्रशासनिक अधिकारियों पर शिक्षकों ने धरना समाप्त किया।