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सहकारिता कर्मचारियों ने की भूख हड़ताल

मप्र सहकारिता समिति कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की गुरुवार को जिला पंचायत परिसर में कलमबंद...

Danik Bhaskar | Mar 02, 2018, 03:10 AM IST
मप्र सहकारिता समिति कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की गुरुवार को जिला पंचायत परिसर में कलमबंद हड़ताल जारी रही। इस दौरान महासंघ के पदाधिकारियों और कार्यकर्ता भूख हड़ताल पर भी रहे। इस मौके पर जिलाध्यक्ष एवं प्रांतीय महामंत्री शैलेष उपाध्याय उपस्थित रहे।

भूख हड़ताल के दौरान जिलाध्यक्ष ने कहा कि 21 फरवरी से सहकारिता कर्मचारियों की ओर से की जा रही हड़ताल का असर दिखाई देने लगा है। हड़ताल से सबसे अधिक परेशानी किसानों को आ रही है। उधर, किसानों पर फसल कटाई का कार्य आ गया है जिसके चलते वो भावांतर योजना और समर्थन मूल्य की खरीदी के लिए पंजीयन कराने के लिए खेती किसानी का काम छोड़कर सहकारी समितियों पर पहुंच रहे हैं। जहां हड़ताल के चलते उनको निराश होकर लौटना पड़ रहा है। इसी प्रकार राशन नहीं मिलने से भी लोगों को काफी परेशानी आ रही है।

विरोध प्रदर्शन

मप्र सहकारिता समिति के कर्मचारी चार सूत्रीय मांगों को लेकर कर रहे प्रदर्शन

विधानसभा चुनाव में देंगे जवाब

महासंघ के पदाधिकरियों ने भूख हड़ताल के दौरान कहा कि भारतीय जनता पार्टी को गत दिवस कोलारस और मुंगावली में हुए उपचुनाव में हार का सामना करना पड़ा था। इसी प्रकार नवंबर महीने में हाेने वाले विधानसभा चुनाव से पहले हमारी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो मप्र सहकारिता समिति कर्मचारी महासंघ की ओर से वर्तमान में सत्ताधारी दल को करारा जबाव दिया जाएगा। यानि हम लोग भाजपा के विरोध में मतदान करेंगे। साथ ही अन्य लोगों को भी सत्ताधारी दल के विराेध में मतदान करने के लिए कहेंगे।

4 मार्च को सामूहिक रूप से करेंगे अन्न त्याग

जिलाध्यक्ष उपाध्याय ने बताया कि गुरुवार को मांगों को लेकर जो भूख हड़ताल शुरू की गई है। उसमें धरने पर बैठे लोग ही भूखे रहकर हड़ताल पर हैं। होली पर्व के बाद यानि 4 मार्च को मप्र सहकारिता समिति कर्मचारी महासंघ द्वारा सामूहिक अन्नत्याग आंदोलन किया जाएगा। इसी क्रम के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की शहर के मुख्य मार्गों पर शव यात्रा निकाली जाएगी।

इन मांगों को लेकर की जा रही हड़ताल