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भास्कर संवाददाता | भिंड

भास्कर संवाददाता | भिंड कृषि उपज का उचित दाम दिलाने के लिए शासन ने भावांतर भुगतान योजना शुरू की है। इसका लाभ...

Danik Bhaskar | Mar 04, 2018, 06:10 AM IST
भास्कर संवाददाता | भिंड

कृषि उपज का उचित दाम दिलाने के लिए शासन ने भावांतर भुगतान योजना शुरू की है। इसका लाभ उन्हीं किसानों को मिलना है जिनके द्वारा पहले पंजीयन करा लिया जाएगा। किसानों को पंजीयन के लिए जानकारी न मिल पाने से कई किसान अब तक पंजीयन नहीं करा पाए हैं। जबकि 12 फरवरी से शुरू हुई पंजीयन की प्रक्रिया 12 मार्च तक चलना है। प्रचार- प्रसार में कमी के कारण कई किसान इस महती योजना का लाभ लेने से वंचित रह सकते हैं।

भावांतर भुगतान योजना में रवी सीजन की सरसों, चना, प्याज, मसूर, कुसुम, तोरिया आदि फसलों को शामिल किया गया है। इन जिंसों के भाव एवं बोनस को भी घोषित कर दिया गया है। भावांतर भुगतान योजना में सरसों 3900 रुपए प्रति क्विंटल व 100 बोनस, चना 4250 रुपए प्रति क्विंटल व 150 रुपए बोनस, कुसुम 4000 रुपए प्रति क्विंटल व 100 रुपए बोनस, तोरिया 3800 रुपए प्रति क्विंटल व 100 रुपए बोनस, मसूर 4150 रुपए प्रति क्विंटल व 100 रुपए बोनस निर्धारित किया गया है। इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों का बैंक में एकाउंट होना जरूरी है क्योंकि भावांतर की राशि बैंक एकाउंट में ही जमा कराई जाती है जबकि कृषि उपज का दाम मंडी में माल बेचते वक्त मिल जाता है। किसानों में यह भी धारणा बनी हुई है कि समूची राशि खाते में जमा होती है जबकि ऐसा नहीं है। इस कारण भी किसान पंजीयन कराने में कम रुचि ले रहे हैं। ऐसे किसान भी परेशान हैं जिनके द्वारा ठेके पर भूमि लेकर कृषि की जा रही है।